जयपुर। राजधानी जयपुर में देर रात एक डिलीवरी बॉय के साथ लूट और मारपीट का मामला सामने आया है। जगतपुरा इलाके में कार सवार नकाबपोश बदमाशों ने डिलीवरी पार्टनर की बाइक को रोककर उसके साथ मारपीट की और करीब 20 हजार रुपये कैश और मोबाइल फोन लूट लिया। आरोप है कि बदमाशों ने पीड़ित से मोबाइल के जरिए जबरन दो बार में कुल 2,700 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर भी करवाए। वारदात के बाद आरोपी कार में बैठकर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने पर शिवदासपुरा थाना पुलिस ने नाकाबंदी करवाई, लेकिन बदमाशों का तत्काल कोई सुराग नहीं लग सका।
बाइक से लौट रहा था डिलीवरी बॉय
पुलिस के अनुसार करौली के कुड़गांव निवासी संतराम मीना (25) स्विगी में डिलीवरी पार्टनर के तौर पर काम करता है। मंगलवार रात करीब 11 बजे वह ऑर्डर डिलीवर करने के बाद बाइक से वापस लौट रहा था। इसी दौरान जगतपुरा में महल रोड पर एक सफेद रंग की स्विफ्ट कार उसकी बाइक के आगे आकर रुकी और उसका रास्ता रोक दिया।
कार से उतरे पांच नकाबपोश बदमाश
पीड़ित के अनुसार कार रुकते ही उसमें सवार करीब पांच नकाबपोश युवक नीचे उतरे। आरोपियों ने उसके साथ गाली-गलौच करते हुए मारपीट शुरू कर दी। बदमाशों ने पीड़ित की जेब से करीब 20 हजार रुपये कैश निकाल लिए। इसके बाद उसका मोबाइल भी छीन लिया।
जबरन करवाया ₹2700 का ऑनलाइन ट्रांसफर
लूटपाट के दौरान बदमाशों ने पीड़ित के मोबाइल का इस्तेमाल कर उससे जबरन ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करवाए। आरोप है कि दो अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 2,700 रुपये ट्रांसफर करवाए गए। इसके बाद बदमाशों ने पीड़ित को सड़क पर गिरा दिया और कार में बैठकर मौके से फरार हो गए।
मारपीट में घायल हुआ युवक
बदमाशों की मारपीट में संतराम को चोटें आईं। घटना के बाद उसने एक निजी अस्पताल में जाकर प्राथमिक उपचार कराया। इसके बाद पीड़ित ने शिवदासपुरा थाने पहुंचकर कार सवार बदमाशों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।
CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस
मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने वारदात वाले इलाके और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस ने घटना के बाद आसपास के इलाकों में नाकाबंदी भी करवाई थी, लेकिन फिलहाल कार सवार बदमाशों का पता नहीं चल पाया है।
कार और बदमाशों की तलाश तेज
पुलिस अब CCTV फुटेज के जरिए सफेद रंग की स्विफ्ट कार की पहचान करने के साथ आरोपियों के बारे में जानकारी जुटा रही है। पुलिस वारदात के समय इलाके में मौजूद अन्य लोगों और संभावित प्रत्यक्षदर्शियों से भी पूछताछ कर सकती है। राजधानी में डिलीवरी कर्मचारियों को निशाना बनाकर हुई इस वारदात के बाद पुलिस ने मामले की जांच तेज कर दी है। आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही वारदात के पीछे की पूरी कहानी और लूट में शामिल अन्य लोगों की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी।



