जयपुर। राजधानी जयपुर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और सड़क सुरक्षा बढ़ाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक का दायरा बढ़ाने की तैयारी है। जयपुर ट्रैफिक पुलिस ने शहर के 331 चौराहों और प्रमुख स्थानों को इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ITMS) के AI कैमरों के लिए चिह्नित किया है। योजना के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर दिन-रात नजर रखी जा सकेगी और नियम तोड़ने पर ऑटोमैटिक ई-चालान जारी किए जा सकेंगे। फिलहाल टोंक रोड और जवाहरलाल नेहरू मार्ग पर ITMS कैमरे लगे हुए हैं। इनके जरिए वाहनों की निगरानी और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वालों के चालान किए जा रहे हैं। अब इस व्यवस्था को पूरे शहर में विस्तार देने की योजना है।
331 स्थानों पर लगेंगे AI कैमरे, DoIT को भेजा प्रस्ताव
डीसीपी ट्रैफिक प्रवीण नायक नूनावत के मुताबिक, ट्रैफिक पुलिस ने अध्ययन के बाद शहर में 331 स्थान चिह्नित किए हैं। इन जगहों पर किस तरह के यातायात नियमों का उल्लंघन अधिक होता है, इसका भी विश्लेषण किया गया है। इसी आधार पर अलग-अलग स्थानों के लिए उपयुक्त क्षमता और तकनीक वाले कैमरे लगाने का प्रस्ताव तैयार कर सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DoIT) को भेजा गया है। प्रस्ताव के तहत शहर के अधिकतर प्रमुख चौराहों पर ITMS कैमरों के जरिए यातायात की निगरानी करने की योजना है।
लाल बत्ती, ओवरस्पीडिंग और हेलमेट उल्लंघन पर नजर
ITMS कैमरे ऑटोमैटिक तरीके से यातायात नियमों के उल्लंघन की पहचान कर सकते हैं। प्रस्तावित व्यवस्था में इन नियमों पर निगरानी रखी जाएगी:
- लाल बत्ती पार करना।
- निर्धारित गति सीमा से तेज वाहन चलाना।
- स्टॉप लाइन का उल्लंघन करना।
- हेलमेट नहीं पहनना।
- सीट बेल्ट का इस्तेमाल नहीं करना।
नियमों का उल्लंघन रिकॉर्ड होने पर संबंधित वाहन के खिलाफ ई-चालान जारी किया जा सकेगा। इससे चालान प्रक्रिया में मानवीय दखल कम करने और पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
मोबाइल पर मिलेगा चालान का मैसेज, फोटो और लोकेशन भी दिखेगी
ITMS व्यवस्था के तहत वाहन मालिक के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर चालान का संदेश भेजा जाता है। चालान में उल्लंघन से जुड़ी तस्वीर, स्थान और नियम तोड़ने की जानकारी देखी जा सकती है। इससे वाहन चालक को यह समझने में मदद मिलेगी कि चालान किस वजह से जारी किया गया है। स्वचालित निगरानी से ट्रैफिक पुलिसकर्मियों और वाहन चालकों के बीच चालान को लेकर होने वाले विवाद भी कम हो सकते हैं।
जाम की रियल टाइम मॉनिटरिंग में भी मिलेगी मदद
इंटीग्रेटेड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम में CCTV कैमरों के साथ AI और सेंसर तकनीक का इस्तेमाल किया जाता है। इससे यातायात की स्थिति पर रियल टाइम नजर रखी जा सकती है और जाम वाले स्थानों की पहचान करने में मदद मिलती है। सिस्टम के जरिए ट्रैफिक सिग्नल के संचालन को यातायात की स्थिति के अनुसार बेहतर बनाने की संभावना रहती है। इसके अलावा, एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन वाहनों के लिए रास्ता उपलब्ध कराने में भी यह तकनीक मददगार हो सकती है। ऑटोमैटिक निगरानी से वाहन चालकों में हर समय यातायात नियमों का पालन करने की आदत विकसित होने और सड़क हादसों में कमी आने की उम्मीद है।
जयपुर में 8 लाख से ज्यादा चालान पेंडिंग
जयपुर में यातायात नियमों के उल्लंघन से जुड़े आठ लाख से ज्यादा चालान लंबित बताए गए हैं। कई वाहनों पर एक से अधिक चालान भी पेंडिंग हैं। कुछ वाहनों के खिलाफ बड़ी संख्या में चालान लंबित होने की जानकारी है। ऐसे वाहन मालिकों के खिलाफ सख्ती करने की तैयारी की जा रही है। रामबाग चौराहे पर AI कैमरों के जरिए लंबित चालानों से जुड़ी जानकारी स्क्रीन पर प्रदर्शित की जा रही है। वाहन चालक परिवहन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपने लंबित चालानों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
अभी योजना के प्रस्ताव पर आगे की प्रक्रिया बाकी
जयपुर के 331 स्थानों पर AI कैमरे लगाने का प्रस्ताव DoIT को भेजे जाने की जानकारी दी गई है। इसलिए सभी चौराहों पर कैमरे लगने और पूरी व्यवस्था शुरू होने की समय-सीमा की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। योजना लागू होने के बाद शहर में यातायात निगरानी अधिक व्यापक हो सकती है। हालांकि, कैमरों की स्थापना, संचालन और ई-चालान व्यवस्था के विस्तार से जुड़ी अंतिम जानकारी संबंधित विभागों के आधिकारिक आदेशों पर निर्भर करेगी।



