जयपुर: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और रोबोटिक्स के क्षेत्र में युवाओं की प्रतिभा को बढ़ावा देने के लिए जयपुर में 24 घंटे का रोबोटिक्स हैकाथॉन आयोजित किया गया। इसमें प्रतिभागियों ने AI, कंप्यूटर विजन, सेंसर और ऑटोमेशन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर वास्तविक समस्याओं के समाधान के लिए रोबोटिक प्रोटोटाइप तैयार किए।यह आयोजन एलिया आईटी सॉल्यूशंस की ओर से 25 और 26 सितंबर को किया गया। हैकाथॉन में युवाओं को सीमित समय में तकनीकी समाधान तैयार करने की चुनौती दी गई।
24 घंटे लगातार तैयार किए रोबोटिक प्रोटोटाइप
हैकाथॉन के दौरान प्रतिभागियों ने लगातार 24 घंटे तक अलग-अलग रियल लाइफ प्रॉब्लम्स पर काम किया। टीमों को इन समस्याओं के समाधान के लिए AI, रोबोटिक्स, कंप्यूटर विजन, सेंसर और ऑटोमेशन का इस्तेमाल करना था।प्रतिभागियों ने इसी आधार पर रोबोटिक प्रोटोटाइप तैयार किए और उनका लाइव डेमो भी दिया। इन रोबोट्स में समस्या को पहचानने, उपलब्ध जानकारी के आधार पर निर्णय लेने और उसके मुताबिक कार्रवाई करने की क्षमता का प्रदर्शन किया गया।
‘AI-Powered Robotics’ रहा हैकाथॉन का थीम
इस साल हैकाथॉन की थीम ‘AI से संचालित रोबोटिक्स के नए समाधान’ रखी गई थी। इसका उद्देश्य युवाओं को सिर्फ थ्योरी तक सीमित रखने के बजाय उन्हें वास्तविक समस्याओं पर टेक्नोलॉजी आधारित समाधान विकसित करने का मौका देना था।एलिया आईटी सॉल्यूशंस के फाउंडर आशुतोष भाटिया के मुताबिक, प्रतिभागियों ने 24 घंटे के चैलेंज में अलग-अलग समस्याओं पर काम किया और अपने तैयार किए गए प्रोटोटाइप का प्रदर्शन किया।
युवाओं को मिला प्रैक्टिकल इनोवेशन का प्लेटफॉर्म
एलिया आईटी सॉल्यूशंस की CEO मेघा भाटिया ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य युवाओं में टेक्नोलॉजी इनोवेशन और प्रैक्टिकल प्रॉब्लम सॉल्विंग की संस्कृति को बढ़ावा देना है।हैकाथॉन के जरिए प्रतिभागियों को AI और रोबोटिक्स के क्षेत्र में प्रयोग करने के साथ-साथ वास्तविक जीवन की समस्याओं के लिए तकनीकी समाधान तैयार करने का अवसर मिला।
हैकाथॉन का चौथा संस्करण
यह एलियांस हैकाथॉन का चौथा संस्करण था। इससे पहले इसके आयोजन 2023, 2024 और 2025 में हो चुके हैं। इस बार का संस्करण खास तौर पर AI और Robotics-based solutions पर केंद्रित रहा।24 घंटे की चुनौती पूरी होने के बाद प्रतिभागियों ने अपने रोबोटिक प्रोटोटाइप और उनके काम करने के तरीके का लाइव प्रदर्शन किया। इसके बाद विजेता टीम को पुरस्कार भी दिया गया।AI और रोबोटिक्स के तेजी से बढ़ते इस्तेमाल के बीच इस तरह के हैकाथॉन युवाओं को नई तकनीकों के साथ प्रयोग करने और उन्हें वास्तविक समस्याओं से जोड़ने का मंच दे रहे हैं।



