मुंबई। सुपरस्टार रजनीकांत की फिल्म ‘जेलर 2’ 15 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। साल 2023 में आई ब्लॉकबस्टर फिल्म ‘जेलर’ के इस सीक्वल से दर्शकों को काफी उम्मीदें थीं। फिल्म में रजनीकांत का दमदार अंदाज, जबरदस्त एक्शन, कॉमेडी और कई बड़े सितारों की मौजूदगी देखने को मिलती है। हालांकि, कमजोर कहानी और ढीली स्क्रीनप्ले फिल्म के मनोरंजन में बाधा बनती है।
कहानी: एक बार फिर एक्शन मोड में टाइगर
फिल्म में रजनीकांत एक बार फिर टाइगर मुथुवेल पांडियन के किरदार में नजर आते हैं। कहानी अपराध, दुश्मनी और परिवार की सुरक्षा के इर्द-गिर्द घूमती है। हालात ऐसे बनते हैं कि टाइगर को फिर से एक्शन के मैदान में उतरना पड़ता है।
फिल्म में कई ऐसे मोड़ आते हैं, जहां बड़े एक्शन और रोमांच की उम्मीद बढ़ती है। कुछ दृश्य प्रभाव छोड़ते हैं, लेकिन कई जगह कहानी अपनी पकड़ खो देती है। घटनाओं को और बेहतर तरीके से जोड़ा जाता तो फिल्म का असर ज्यादा मजबूत हो सकता था।
रजनीकांत का स्वैग फिल्म की सबसे बड़ी ताकत
रजनीकांत की स्क्रीन प्रेजेंस फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण है। उनकी एंट्री, चश्मा लगाने का अंदाज, डायलॉग डिलीवरी और एक्शन सीक्वेंस फैंस को उत्साहित करते हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका स्टारडम स्क्रीन पर साफ नजर आता है।
एस.जे. सूर्या अपने अलग अंदाज से ध्यान खींचते हैं। वहीं, विद्या बालन और मिथुन चक्रवर्ती की मौजूदगी फिल्म की स्टार वैल्यू बढ़ाती है। योगी बाबू के कॉमिक पल भी बीच-बीच में मनोरंजन करते हैं। हालांकि, सभी कलाकारों को कहानी में बराबर जगह नहीं मिल पाती।
डायरेक्शन और स्क्रीनप्ले में कहां हुई चूक?
निर्देशक नेल्सन दिलीपकुमार ने फिल्म में एक्शन, कॉमेडी और स्टार पावर का मेल बनाने की कोशिश की है। कई दृश्य बड़े पर्दे पर प्रभावशाली लग सकते हैं, लेकिन कहानी का प्रवाह हर जगह एक जैसा नहीं रहता।
फिल्म का दूसरा हिस्सा कुछ जगह खिंचा हुआ महसूस होता है। कई ट्विस्ट उम्मीद के मुताबिक असर नहीं छोड़ते और स्क्रीनप्ले की रफ्तार धीमी पड़ जाती है। बड़े सितारों की एंट्री और एक्शन के बावजूद कहानी की कमजोरियां पूरी तरह छिप नहीं पातीं।
सिनेमैटोग्राफी और म्यूजिक
विजय कार्तिक कन्नन की सिनेमैटोग्राफी फिल्म के एक्शन और भव्य दृश्यों को प्रभावशाली बनाती है। वहीं, अनिरुद्ध रविचंदर का बैकग्राउंड स्कोर रजनीकांत की एंट्री और एक्शन सीक्वेंस में जोश भरता है।
हालांकि, फिल्म की लंबाई और कुछ धीमे हिस्सों के कारण एडिटिंग ज्यादा चुस्त हो सकती थी। कुछ दृश्यों को छोटा किया जाता तो कहानी की रफ्तार बेहतर बनी रहती।
Jailer 2 का फाइनल वर्डिक्ट
‘जेलर 2’ में रजनीकांत का स्वैग, दमदार एक्शन और बड़े सितारों की मौजूदगी देखने को मिलती है। एस.जे. सूर्या की एक्टिंग और बैकग्राउंड स्कोर भी फिल्म को मजबूती देते हैं। लेकिन कमजोर कहानी, ढीली स्क्रीनप्ले और खिंचे हुए हिस्से फिल्म के अनुभव को प्रभावित करते हैं, रजनीकांत के कट्टर फैंस के लिए ‘जेलर 2’ में मनोरंजन और एक्शन का मसाला मौजूद है। लेकिन अगर आप पहली फिल्म जैसी मजबूत कहानी और लगातार रोमांच की उम्मीद कर रहे हैं, तो सीक्वल आपको थोड़ा निराश कर सकता है।



