Israel Attack On Lebanon : ईरान और अमेरिका के बीच हाल ही में हुए शांति समझौते के बाद पश्चिम एशिया में तनाव कम होने की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन समझौते के अगले ही दिन लेबनान पर हमला हुआ है. इजराइल ने दक्षिणी और पूर्वी लेबनान में बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए, जिनमें कम से कम 18 लोगों की मौत हो गई. इससे क्षेत्र में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है.
लेबनान के 80 से ज्यादा ठिकानों को बनाया निशाना
इजराइली सेना (IDF) का दावा है कि उसने पिछले 24 घंटों के दौरान लेबनान में 80 से अधिक ठिकानों को निशाना बनाया. सेना के अनुसार, इन हमलों में हिजबुल्लाह के कई ठिकाने नष्ट किए गए और उसके कई लड़ाके मारे गए. इजराइल का कहना है कि यह कार्रवाई उसके सैनिकों पर हुए हमलों के जवाब में की गई है.
लेबनान के हमले में 4 इजराइली सैनिक मारे गए थे
इससे पहले दक्षिणी लेबनान में हिजबुल्लाह के हमले में 4 इजराइली सैनिकों की मौत हो गई थी. इसके बाद इजराइल के राष्ट्रीय सुरक्षा मंत्री इतामार बेन गवीर ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि लेबनान को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी.
नेतन्याहू ने पहले ही दिए थे कार्रवाई जारी रहने के संकेत
गौरतलब है कि ईरान और अमेरिका के बीच हुए शांति समझौते में लेबनान में संघर्ष कम करने और वहां की संप्रभुता का सम्मान करने की बात भी शामिल थी. हालांकि इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पहले ही संकेत दे चुके थे कि उनकी सेना दक्षिणी लेबनान से पीछे नहीं हटेगी और सुरक्षा कारणों से कार्रवाई जारी रखेगी.
अमेरिका-ईरान वार्ता भी स्थगित
इस बीच स्विट्जरलैंड में शुक्रवार को प्रस्तावित अमेरिका-ईरान वार्ता भी स्थगित हो गई है. मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, लेबनान में बढ़ती हिंसा और इजराइली हमले इसकी वजह हो सकते हैं. ईरान पहले ही कह चुका है कि क्षेत्र में शांति प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए लेबनान में सैन्य कार्रवाई रुकना जरूरी है। यदि लेबनान में संघर्ष जारी रहा तो हाल ही में हुए ईरान-अमेरिका समझौते पर भी असर पड़ सकता है और क्षेत्र में स्थिरता की कोशिशों को झटका लग सकता है.
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