Iran Israel War: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है. ईरान और इजरायल के बीच एक बार फिर जंग शुरू हो गई है. दोनों देश एक दूसरे पर बैलिस्टिक मिसाइल से जोरदार हमला कर रहे हैं. ईरान की ओर से मिसाइल दागे जाने के बाद इजराइल ने सोमवार तड़के जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के कई हिस्सों पर हवाई हमले किए. इन हमलों के बाद राजधानी तेहरान समेत कई शहरों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे क्षेत्र में बड़े सैन्य संघर्ष की आशंकाएं फिर बढ़ गई हैं.
इजराइली सेना ने की हमले की पुष्टि
हमलों के बाद ईरानी अधिकारियों ने सुरक्षा कारणों से तेहरान के इमाम खुमैनी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के आसपास का एयरस्पेस अस्थायी रूप से बंद कर दिया. दूसरी ओर इजराइली सेना ने पुष्टि की कि उसकी वायुसेना ने पश्चिमी और मध्य ईरान में कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है. वहीं ईरान के अर्धसैनिक संगठन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने दावा किया कि इजराइल ने हमले में बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया.
इसी बीच इजराइल में भी सुरक्षा अलर्ट जारी किया गया. सेना के अनुसार, यमन की दिशा से एक मिसाइल दागे जाने के बाद देश के कई इलाकों में सायरन बजाए गए. हालांकि, किसी प्रकार के नुकसान या हताहत होने की सूचना नहीं मिली है. यमन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण रखने वाले हूती विद्रोहियों ने फिलहाल हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है. हालांकि, अतीत में हूती विद्रोही कई बार देर से हमलों की जिम्मेदारी स्वीकार करते रहे हैं.
तनाव का सऊदी अरब में दिखा असर
क्षेत्रीय तनाव का असर सऊदी अरब में भी दिखाई दिया. अल-खार्ज क्षेत्र में स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस के आसपास मिसाइल खतरे को लेकर चेतावनी सायरन बजाए गए. इस एयरबेस पर अमेरिकी सैनिक तैनात हैं. बाद में सऊदी अधिकारियों ने कहा कि खतरा टल चुका है. लगातार हो रहे हमलों और जवाबी कार्रवाइयों ने पूरे पश्चिम एशिया में सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है. जानकारों का मानना है कि यदि दोनों पक्षों के बीच तनाव कम नहीं हुआ, तो क्षेत्र एक बड़े और लंबे सैन्य संघर्ष की ओर बढ़ सकता है.
आखिर किस बात पर भड़का विवाद ?
ईरान ने यह हमला बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर इजराइल की कार्रवाई के बाद हुआ. इजराइल ने कहा था कि उसके हमले उत्तरी इजराइल पर हिजबुल्ला की ओर से की गई गोलीबारी के जवाब में किए गए थे. इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी थी. अब मिसाइल हमलों के बाद तेहरान का रुख और अधिक सख्त दिखाई दे रहा है. ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, सैन्य अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि इजराइल दक्षिणी लेबनान या बेरूत पर हमले जारी रखता है, तो उसे और भी अधिक कुचल देने वाले जवाबी हमलों का सामना करना पड़ सकता है.



