Tuesday, September 8, 2026
HomeUser Interest CategoryBusinessBAPS-Eiffel Tower विवाद पर भारत का रुख साफ, MEA बोला- मामला संबंधित...

BAPS-Eiffel Tower विवाद पर भारत का रुख साफ, MEA बोला- मामला संबंधित पक्षों के बीच

BAPS प्रतिनिधिमंडल के एफिल टावर दौरे को लेकर उठे विवाद पर विदेश मंत्रालय ने कहा है कि यह मामला संबंधित पक्षों के बीच है और भारत सरकार इस पर टिप्पणी नहीं करेगी। MEA प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पेरिस में BAPS मंदिर के उद्घाटन पर प्रधानमंत्री मोदी का शुभकामना संदेश देना सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा था। विवाद के बीच BAPS ने किसी को प्रवेश से रोकने की जानकारी से इनकार करते हुए असुविधा के लिए खेद जताया है।

नई दिल्ली। फ्रांस के एफिल टावर में BAPS प्रतिनिधिमंडल के दौरे को लेकर उठे विवाद पर भारत के विदेश मंत्रालय ने अपना रुख स्पष्ट कर दिया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि टावर से जुड़ा यह मामला पूरी तरह संबंधित पक्षों के बीच है और इस पर भारत सरकार की ओर से कोई टिप्पणी नहीं की जाएगी।

दरअसल, BAPS प्रतिनिधिमंडल के एफिल टावर दौरे के दौरान महिला कर्मचारियों को कुछ कार्यस्थलों से हटाने और कुछ इलाकों में नहीं जाने के निर्देश दिए जाने के आरोप सामने आए थे। कर्मचारियों की ओर से इसका विरोध किया गया, जिसके बाद सोमवार को एफिल टावर बंद रहा। मंगलवार को स्मारक दोबारा खोल दिया गया। इस पूरे घटनाक्रम की जांच भी शुरू की गई है।

मीडिया ब्रीफिंग के दौरान जायसवाल से जब इस विवाद को लेकर सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि भारत सरकार को पेरिस क्षेत्र में BAPS द्वारा मंदिर के उद्घाटन की जानकारी है। हालांकि, एफिल टावर से जुड़े विवाद को उन्होंने BAPS और संबंधित संस्थाओं के बीच का विषय बताया।

PM मोदी के संदेश पर भी दिया जवाब

BAPS के पेरिस क्षेत्र में नए मंदिर के उद्घाटन कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअल माध्यम से शुभकामनाएं दी थीं। इसको लेकर भी विदेश मंत्रालय से सवाल पूछा गया। जायसवाल ने कहा कि ऐसे अवसरों पर प्रधानमंत्री की ओर से शुभकामनाएं देना सामान्य प्रक्रिया है। इस मामले में भी संदेश वर्चुअल तरीके से दिया गया था और इस पर अलग से टिप्पणी करने की जरूरत नहीं है।

BAPS ने जताया खेद

विवाद बढ़ने के बाद BAPS ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल का एफिल टावर दौरा वहां की टीम के साथ पहले से समन्वय करके तय किया गया था। संगठन ने कहा कि उसकी जानकारी में किसी को टावर में प्रवेश से नहीं रोका गया। हालांकि, स्थिति से किसी को परेशानी या ठेस पहुंची हो तो BAPS ने इसके लिए खेद जताया और आपसी सम्मान तथा सेवा के मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

वहीं, एफिल टावर का संचालन करने वाली कंपनी ने कथित तौर पर महिलाओं के साथ बातचीत सीमित रखने की मांग स्वीकार किए जाने को गलत बताया। फ्रांस में इस मुद्दे को महिला-पुरुष समानता से जोड़कर भी आलोचना हुई है और स्थानीय स्तर पर जांच की मांग उठी है।

इस पूरे विवाद के बीच भारत सरकार ने फिलहाल खुद को मामले से अलग रखते हुए स्पष्ट किया है कि एफिल टावर से जुड़ा घटनाक्रम संबंधित संस्थाओं के बीच का विषय है।

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

× Popup Image