Semiconductor India : साणंद। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कहा कि भारत अब उत्पादों और कल-पुर्जों के निर्माण से आगे बढ़कर सेमीकंडक्टर तक पूरी इलेक्ट्रॉनिक वैल्यू चेन विकसित कर रहा है। उन्होंने इसे ‘विकसित भारत’ के निर्माण की मजबूत आधारशिला बताते हुए कहा कि आने वाले वर्षों में देश तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में तेजी से आगे बढ़ेगा।
प्रधानमंत्री ने जोधपुर में सीजी सेमी आउटसोर्स्ड सेमीकंडक्टर असेंबली एंड टेस्ट (ओएसएटी) इकाई का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत के युवा ‘मेड इन इंडिया’ चिप के दम पर कृत्रिम मेधा (एआई), रोबोटिक्स और अगली पीढ़ी की तकनीकों में दुनिया का नेतृत्व करने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि भारत में सेमीकंडक्टर उद्योग का विकास किसी एक दिन का परिणाम नहीं है, बल्कि पिछले एक दशक में इलेक्ट्रॉनिक्स क्षेत्र में हुए व्यापक बदलावों का स्वाभाविक विस्तार है।
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री को कंपनी में निर्मित पहली सेमीकंडक्टर चिप भेंट की गई, जिसे जापान निर्यात किया जाएगा। इसे भारत के सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले देश में तैयार उत्पादों पर जोर था, फिर कल-पुर्जों के निर्माण को बढ़ावा मिला और अब भारत सेमीकंडक्टर निर्माण की दिशा में भी मजबूत कदम बढ़ा चुका है। उन्होंने इसे ‘मेक इन इंडिया’ अभियान के अगले चरण की शुरुआत बताया।
मोदी ने कहा कि सरकार का लक्ष्य केवल चिप असेंबली तक सीमित नहीं है, बल्कि भारत में चिप डिजाइन, फैब्रिकेशन, पैकेजिंग और परीक्षण सहित संपूर्ण सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम तैयार करना है। इसके लिए केंद्र सरकार लगातार निवेश, नीतिगत सुधार और वैश्विक कंपनियों के साथ साझेदारी को बढ़ावा दे रही है।प्रधानमंत्री ने कहा कि सेमिकॉन इंडिया कार्यक्रम तेज गति से आगे बढ़ रहा है और यह देश को इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने में अहम भूमिका निभाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि ‘मेड इन India’ चिप भविष्य में एआई, रोबोटिक्स, ऑटोमोबाइल, दूरसंचार और रक्षा जैसे क्षेत्रों में नई क्रांति लाएगी।



