Saturday, May 16, 2026
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‘आर्थिक स्वार्थ की चुनौतियों के बावजूद भारत ने हासिल की 7.8 प्रतिशत ग्रोथ रेट’, डेड इकोनॉमी बताने वालों को PM Modi का करारा जवाब

पीएम मोदी ने कहा कि भारत ने वैश्विक अनिश्चितताओं और आर्थिक स्वार्थ से उपजी चुनौतियों के बावजूद पहली तिमाही में 7.8% GDP वृद्धि दर्ज की। ‘सेमीकॉन इंडिया 2025’ सम्मेलन में उन्होंने इसे हर उम्मीद और अनुमान से बेहतर बताया, साथ ही भारत को ‘बेजान अर्थव्यवस्था’ कहने वालों को करारा जवाब दिया।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को ‘बेजान अर्थव्यवस्था’ के कटाक्ष का परोक्ष रूप से खंडन करते हुए कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था पहली तिमाही में 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी और वैश्विक अनिश्चितताओं एवं आर्थिक स्वार्थ से प्रेरित चुनौतियों के बीच सभी अनुमानों को पार कर गई है. ‘सेमीकॉन इंडिया 2025’ सम्मेलन में उन्होंने कहा कि अप्रैल-जून में सकल घरेलू उत्पाद (GDP) की वृद्धि हर उम्मीद, आशा एवं अनुमान से बेहतर रही.

चुनौतियों के बीच भारत ने 7.8 % वृद्धि दर हासिल की: पीएम मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत ने यह आर्थिक प्रदर्शन वैश्विक अनिश्चितताओं और आर्थिक स्वार्थ से उपजी चुनौतियों के बीच किया है. एक बार फिर, भारत ने हर उम्मीद, हर अनुमान से बेहतर प्रदर्शन किया है. उन्होंने कहा कि दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाएं आर्थिक स्वार्थ से प्रेरित चिंताओं एवं चुनौतियों का सामना कर रही हैं. ऐसे में भारत ने 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर हासिल की है.

‘वृद्धि सभी क्षेत्रों विनिर्माण, सेवा, कृषि और निर्माण में दिखाई दे रही’

प्रधानमंत्री मोदी ने जोर देकर कहा कि यह वृद्धि सभी क्षेत्रों विनिर्माण, सेवा, कृषि और निर्माण में दिखाई दे रही है. हर जगह उत्साह साफ दिखाई दे रहा है. उन्होंने कहा कि भारत की तेज वृद्धि सभी उद्योगों और हर नागरिक में नई ऊर्जा का संचार कर रही है. वृद्धि की यह गति भारत को दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर तेजी से अग्रसर कर रही है.

ट्रंप ने भारत की अर्थव्यस्था को बताया था बेजान

प्रधानमंत्री ने चुनौतियों के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं कहा लेकिन उनका यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रूसी तेल की खरीद के कारण भारतीय वस्तुओं पर 25 प्रतिशत का अतिरिक्त शुल्क लगाने के कुछ दिनों बाद आया है. इससे भारत पर कुल शुल्क बढ़कर 50 प्रतिशत हो गया है जो दुनिया में सबसे अधिक है. ट्रंप ने शुल्क लगाने से पहले भारत की अर्थव्यवस्था को बेजान करार दिया था. अमेरिकी अधिकारियों ने हाल के दिनों में रूसी तेल की निरंतर खरीद को लेकर भारत की आलोचना करने के लिए अनावश्यक रूप से कठोर शब्दों का इस्तेमाल किया है

भारत पहली (अप्रैल-जून) तिमाही के साथ-साथ 2024-25 (वित्त वर्ष अप्रैल 2024 से मार्च 2025) और उसके बाद के वर्षों में दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना हुआ है जिसने चीन को काफी पीछे छोड़ दिया है. अप्रैल-जून में अमेरिकी अर्थव्यवस्था 3.3 प्रतिशत की दर से बढ़ी।

‘सरकार जल्द ही अगली पीढ़ी के सुधारों का एक नया चरण शुरू करेगी’

मोदी ने कहा कि उनकी सरकार जल्द ही अगली पीढ़ी के सुधारों का एक नया चरण शुरू करेगी. उन्होंने कहा, ‘आने वाले समय में, हम अगली पीढ़ी के सुधारों का एक नया चरण शुरू करने जा रहे हैं.’ प्रधानमंत्री ने नियोजित सुधारों के बारे में विस्तार से नहीं बताया, लेकिन माल एवं सेवा कर (GST) जैसे सबसे बड़े नियोजित सुधार का संकेत जरूर दिया जिसमें शैम्पू एवं हाइब्रिड कारों से लेकर उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक तक आम इस्तेमाल की कई वस्तुओं पर कर में कटौती की जाएगी. जीएसटी परिषद 3 सितंबर से नई दिल्ली में 2 दिवसीय बैठक कर रही है, जिसमें प्रस्तावित दरों में कटौती पर चर्चा की जाएगी.

बता दें कि ट्रंप ने जनवरी से एक व्यापक वैश्विक शुल्क कार्यक्रम शुरू किया है, जिसके तहत उन देशों से आयात पर उच्च दरें लगाई जा रही हैं जिनसे उनके प्रशासन की राजनीतिक शिकायतें थीं. भारत के अलावा केवल ब्राजील पर ही 50 प्रतिशत शुल्क लगाया गया है. ट्रंप का तर्क है कि शुल्क अमेरिकी विनिर्माण को बढ़ावा देते हैं और नौकरियों की रक्षा करते हैं लेकिन उनकी व्यापार नीतियों ने दुनिया भर में आर्थिक अराजकता उत्पन्न कर दी है.

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Premanshu Chaturvedi
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