नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में हालिया तनाव के बीच वैश्विक व्यापार के लिए महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री यातायात धीरे-धीरे सामान्य होने लगा है। कई वाणिज्यिक जहाज इस रणनीतिक मार्ग से गुजर चुके हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को लेकर बनी चिंताओं में कुछ कमी आई है।
अधिकारियों के अनुसार, भारतीय ध्वज वाले 11 जहाज सुरक्षित रूप से इस मार्ग को पार कर चुके हैं। हालांकि अभी भी 10 भारतीय पोत ऐसे हैं जो आगे बढ़ने के लिए उपयुक्त परिस्थितियों और आवश्यक अनुमति का इंतजार कर रहे हैं। इन जहाजों पर तैनात भारतीय नाविकों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पिछले दिनों क्षेत्रीय तनाव और सुरक्षा संबंधी आशंकाओं के चलते समुद्री यातायात प्रभावित हुआ था। कई जहाजों ने अपनी गति धीमी कर दी थी, जबकि कुछ पोतों ने अस्थायी रूप से आगे बढ़ने का निर्णय टाल दिया था। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार और आपूर्ति श्रृंखला को लेकर चिंताएं बढ़ गई थीं। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक माना जाता है।
खाड़ी क्षेत्र से निकलने वाले बड़े पैमाने पर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का परिवहन इसी रास्ते से होता है। ऐसे में यहां किसी भी प्रकार की बाधा का असर अंतरराष्ट्रीय बाजारों पर तुरंत देखने को मिलता है। भारत सरकार और समुद्री क्षेत्र से जुड़ी एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं। संबंधित पक्षों के साथ संपर्क बनाए रखते हुए यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है कि भारतीय जहाजों और चालक दल को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
विशेषज्ञों का मानना है कि हालांकि स्थिति में सुधार के संकेत दिखाई दे रहे हैं, लेकिन क्षेत्र में पूरी तरह सामान्य हालात बहाल होने में अभी समय लग सकता है। सुरक्षा संबंधी चुनौतियों और भू-राजनीतिक परिस्थितियों को देखते हुए जहाजरानी कंपनियां अभी भी सतर्कता बरत रही हैं।
फिलहाल समुद्री गतिविधियों में आई तेजी को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, जबकि शेष भारतीय जहाजों के सुरक्षित पारगमन पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।



