PM Modi On Parliament Monsoon Session: संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह सत्र ऐतिहासिक होने जा रहा है. उन्होंने उम्मीद जताई कि सदन की कार्यवाही सकारात्मक माहौल में चलेगी और सभी दल जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा करेंगे. प्रधानमंत्री ने विपक्ष से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि संसद में तर्क और तथ्यों के आधार पर चर्चा होनी चाहिए, न कि शोर-शराबे के जरिए.

‘मानसून भी प्रोएक्टिव हो, सत्र भी प्रोडक्टिव’
प्रधानमंत्री ने कहा कि ‘मानसून हो या मानसून सत्र, अगर दोनों ही प्रोएक्टिव हों तो बहुत प्रोडक्टिव होते हैं. दोनों प्रोडक्टिव होंगे तो देश का कल्याण होगा. इसलिए हमारी प्रार्थना है कि मानसून भी प्रोएक्टिव रहे और मानसून सत्र भी प्रोडक्टिव रह.’ उन्होंने कहा कि सरकार इस सत्र में कई महत्वपूर्ण विधेयक संसद में पेश करेगी और उम्मीद है कि सभी दल सकारात्मक भूमिका निभाएंगे.
#WATCH दिल्ली: संसद के मानसून सत्र पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "चाहे मानसून हो या मानसून सत्र – अगर दोनों सक्रिय हों, तो वे बहुत फ़ायदेमंद साबित होते हैं। जब दोनों फ़ायदेमंद होते हैं, तो इससे देश का कल्याण होता है और सभी जीवों का भला होता है। इसीलिए हम प्रार्थना करते हैं… pic.twitter.com/Av0vNNIJcP
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 20, 2026
युवाओं की उपलब्धियों का किया जिक्र
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले एक महीने में भारत ने राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और अंतरिक्ष के क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं, जिन पर हर देशवासी को गर्व होना चाहिए. उन्होंने कहा कि पिछले वर्ष मानसून सत्र से पहले एक भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर थे और अब कुछ दिन पहले भारतीय युवाओं के नेतृत्व वाले एक स्टार्टअप ने अंतरिक्ष क्षेत्र में ऐसी उपलब्धि हासिल की है, जो अब तक दुनिया के बहुत कम देश हासिल कर पाए हैं. उन्होंने कहा, ‘यह केवल संयोग नहीं, बल्कि एक मजबूत संदेश है कि भारत के युवाओं की क्षमता और उनकी आकांक्षाएं अंतरिक्ष की तरह असीम हैं.’
‘शोर-शराबे की जरूरत नहीं‘
प्रधानमंत्री ने संसद में स्वस्थ लोकतांत्रिक चर्चा पर जोर देते हुए कहा- ‘जहां तर्क और तथ्य होते हैं, वहां शोर-शराबे की जरूरत नहीं होती. यदि आपके तर्क मजबूत हैं तो आवाज ऊंची करने की आवश्यकता नहीं है. संसद में हर आवाज को सुने जाने का अवसर मिलना चाहिए. यही संसद की मूल भावना है.’
विकास परियोजनाओं का भी किया उल्लेख
प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में हाल के दिनों में देश को समर्पित कई प्रमुख परियोजनाओं का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि राजस्थान में बड़ी ऑयल रिफाइनरी का लोकार्पण किया गया है, देश का तीसरा सेमीकंडक्टर प्लांट शुरू हुआ है और हाल ही में ग्रीन हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन भी देश को समर्पित की गई है. उन्होंने कहा कि भारत की हाइड्रोजन ट्रेन दुनिया की सबसे शक्तिशाली इंजन वाली और सबसे लंबी हाइड्रोजन ट्रेन है, जो देश की तकनीकी प्रगति का प्रतीक है. प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि मानसून सत्र के दौरान सभी राजनीतिक दल लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करते हुए जनहित के मुद्दों पर सार्थक चर्चा करेंगे और देशहित में महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को आगे बढ़ाएंगे.
#WATCH दिल्ली: संसद के मानसून सत्र पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "… लगातार कहीं न कहीं युद्ध की स्थिति बनती है। पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण भारत में भी एक संकट का बहुत बड़ा कारण रहा था। इससे हर विषय में अनेक बाधाएं आई थीं। इसके बाद भी भारत 7.7% की ग्रोथ से आगे बढ़ा…… pic.twitter.com/h2HhPqWUX1
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 20, 2026
सत्र के दौरान ये विधेयक किए जा सकते पेश
मानसून सत्र के दौरान कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश किए जाने की संभावना है, जिनमें प्रमुख हैं- राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण (संशोधन) विधेयक, 2026, जिसके तहत राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ का अपमान करने या उसके गायन में बाधा डालने को दंडनीय अपराध बनाने का प्रस्ताव है.जन्म और मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, 2026, जिसका उद्देश्य विलंबित पंजीकरण संबंधी प्रावधानों को और अधिक सख्त बनाना है. आयकर (संशोधन) विधेयक, 2026, जो सरकारी प्रतिभूतियों में निवेश करने वाले विदेशी निवेशकों को कर छूट देने संबंधी अध्यादेश का स्थान लेगा.



