CJP Parliament March: नीट (NEET) पेपर लीक मामले और देश में बढ़ती बेरोजगारी के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का आंदोलन सोमवार को और तेज हो गया. संसद के मानसून सत्र की शुरुआत के साथ पार्टी ने ‘चलो संसद’ मार्च’ का आह्वान किया. इस दौरान जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में जुटे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई. कुछ प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, जिसके बाद पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज किया.
#WATCH | Delhi: Saurav Das, Chief Spokesperson, Cockroach Janta Party, says, "The administration is trying to open talks with the government. They have come very late, but we have opened our hearts and said that we are willing to talk to them. There has been no clarity from their… pic.twitter.com/XU1Bi7pQa1
— ANI (@ANI) July 20, 2026
जंतर-मंतर पर जुटे हजारों प्रदर्शनकारी
CJP का मार्च सुबह 9 बजे शुरू होना था, लेकिन पुलिस द्वारा अनुमति नहीं दिए जाने और बैरिकेडिंग लगाए जाने के कारण प्रदर्शनकारी आगे नहीं बढ़ सके. आंदोलन में शामिल लोगों का दावा है कि जंतर-मंतर पर करीब 10 हजार प्रदर्शनकारी मौजूद हैं.

संसद जाने से हमें कोई नहीं रोक सकता: अभिजीत दीपके
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने कहा, ‘भारत के इतिहास का सबसे बड़ा मार्च होने जा रहा है. पिछले 10-12 सालों से इस देश में लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिशें की जा रही हैं. जंतर-मंतर पर एक महीने तक बैठकर आप लोगों ने लोकतंत्र को फिर से ज़िंदा किया है. देश भर से लोग आ रहे हैं. जब मैं अमेरिका में था, तो लोग मुझसे कहते थे कि कोई भी सड़कों पर नहीं उतरेगा कि यह सिर्फ़ सोशल मीडिया पर एक ट्रेंड बनकर रह जाएगा. आज जंतर-मंतर की ओर जाने वाली चारों सड़कों को देखिए; वे पूरी तरह से भरी हुई हैं… संसद जाने से हमें कोई नहीं रोक सकता.
#WATCH दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष अभिजीत दिपके ने कहा, "भारत के इतिहास का सबसे बड़ा मार्च होने जा रहा है। पिछले 10-12 सालों से इस देश में लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिशें की जा रही हैं। जंतर-मंतर पर एक महीने तक बैठकर आप लोगों ने लोकतंत्र को फिर से ज़िंदा किया… pic.twitter.com/h46f0HI9iD
— ANI_HindiNews (@AHindinews) July 20, 2026
सोनम वांगचुक ने रखीं तीन शर्तें
उधर, 23 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अनशन समाप्त करने के लिए तीन शर्तें रखी हैं. उनकी प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं- सरकार शिक्षा व्यवस्था और NEET पेपर लीक मामले की जिम्मेदारी स्वीकार करे. CJP के प्रतिनिधिमंडल को संसद तक जाने की अनुमति दी जाए और सांसद इस मुद्दे को सदन में उठाने का आश्वासन दें. यदि स्वास्थ्य कारणों से यह संभव नहीं है, तो सांसद सफदरजंग अस्पताल आकर उन्हें यही आश्वासन दें.

पेपर लीक और बेरोजगारी को लेकर आंदोलन
CJP का कहना है कि उसका आंदोलन केवल NEET पेपर लीक तक सीमित नहीं है, बल्कि देश में बढ़ती बेरोजगारी, प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर भी है. फिलहाल जंतर-मंतर और संसद मार्ग के आसपास सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं. पुलिस स्थिति पर नजर बनाए हुए है और प्रदर्शनकारियों को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया गया है.

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