नई दिल्ली। यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने गुरुवार को सऊदी अरब के दक्षिणी नजऱान क्षेत्र में ड्रोन हमले करने का दावा किया। हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने बताया कि संगठन ने दो अलग-अलग सैन्य अभियान चलाए। इनमें एक हमले में नजऱान एयरपोर्ट स्थित कथित संवेदनशील ठिकाने को निशाना बनाया गया, जबकि दूसरे हमले का लक्ष्य सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको की एक सुविधा थी।
हूतियों के मुताबिक, दोनों हमले ड्रोन के जरिए किए गए और उनके लक्ष्यों को निशाना बनाने में सफलता मिली। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। सऊदी अरब की ओर से भी हमलों के बाद तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। ऐसे में हमलों से हुए संभावित नुकसान और किसी के हताहत होने की जानकारी फिलहाल स्पष्ट नहीं है।
नजऱान सऊदी अरब के दक्षिणी हिस्से में यमन की सीमा के करीब स्थित है। इस क्षेत्र में पहले भी हूती समूह की ओर से ड्रोन और मिसाइल हमलों के दावे किए जाते रहे हैं। अगस्त की शुरुआत में भी हूतियों ने नजऱान एयरपोर्ट पर एक संवेदनशील ठिकाने को निशाना बनाने का दावा किया था।
अरामको ठिकाने लगातार निशाने पर
सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको की सुविधाओं पर हूती हमलों का दावा नया नहीं है। इससे पहले अगस्त में हूतियों ने जाज़ान स्थित अरामको की एक तेल रिफाइनरी को ड्रोन से निशाना बनाने की बात कही थी। उस समय भी सऊदी अधिकारियों की ओर से तत्काल हमले की पुष्टि नहीं की गई थी।
हूतियों का कहना है कि सऊदी अरब की ओर से यमन के कुछ इलाकों में की जा रही सैन्य गतिविधियों के जवाब में वे सऊदी ठिकानों को निशाना बना रहे हैं। संगठन ने हाल के दिनों में सऊदी क्षेत्र में तेल प्रतिष्ठानों और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाने के कई दावे किए हैं।
क्षेत्रीय तनाव के बीच बढ़े हमले
यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी समर्थित यमनी सरकार के बीच लंबे समय से संघर्ष चला आ रहा है। हाल के हफ्तों में क्षेत्रीय तनाव बढ़ने के साथ हूतियों की गतिविधियां भी तेज हुई हैं। संयुक्त राष्ट्र ने भी चेतावनी दी है कि यमन में बड़े पैमाने पर संघर्ष फिर भड़कने का खतरा बढ़ गया है।
हूतियों के ताजा हमलों से सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों और दक्षिणी सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ सकती है। खासकर अरामको की सुविधाओं पर हमलों के दावे का असर क्षेत्रीय ऊर्जा बाजार और तेल आपूर्ति को लेकर वैश्विक चिंताओं पर भी पड़ सकता है। फिलहाल सभी की नजर सऊदी अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया और हमलों से हुए नुकसान की जानकारी पर है।



