Thursday, August 6, 2026
HomeFact Checkहल्दी से रंग, तेल से तैयार नकली घी, सूरत में एक साल...

हल्दी से रंग, तेल से तैयार नकली घी, सूरत में एक साल से चल रहा था मिलावट का खेल!

सूरत (प्रज्ञा पांडे)। गुजरात के सूरत में पुलिस ने नकली देसी घी बनाने वाले एक बड़े रैकेट का खुलासा किया है। आरोप है कि सस्ते तेल और वनस्पति को मिलाकर तैयार किए गए नकली घी को “शुद्ध देसी घी” बताकर बाजार में बेचा जा रहा था। पुलिस की कार्रवाई में सामने आया कि आरोपी घी जैसा रंग देने के लिए मिश्रण में हल्दी पाउडर का इस्तेमाल करता था। यह कार्रवाई सूरत के वेद रोड इलाके में स्थित जय योगेश्वर डेयरी पर की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि डेयरी के पीछे बने कमरे में नकली घी तैयार किया जा रहा है। इसके बाद चौक बाजार पुलिस, जोन-3 लोकल क्राइम ब्रांच (LCB) और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से छापा मारकर इस पूरे मामले का खुलासा किया।

तेल और वनस्पति से तैयार किया जा रहा था नकली घी

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी वनस्पति, सोयाबीन तेल और पामोलीन तेल को मिलाकर गर्म करता था। इसके बाद इसमें हल्दी पाउडर मिलाया जाता था, ताकि तैयार उत्पाद का रंग असली देसी घी जैसा दिखाई दे। आरोप है कि इस नकली घी को 15 किलो के कंटेनरों में पैक कर बाजार में “प्योर देसी घी” के नाम से बेचा जाता था। पुलिस ने मौके से घी तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले कई उपकरण भी बरामद किए हैं।

बरामद सामान में शामिल हैं:-

बड़े स्टील कंटेनर
मिक्सिंग मशीन
वजन करने वाली मशीन
पैकिंग और सीलिंग मशीन
गैस सिलेंडर
हल्दी पाउडर


फूड लैब जांच में नकली और असुरक्षित मिला घी

पुलिस ने मौके से करीब 34.05 किलो तैयार नकली घी, कच्चा माल और अन्य उपकरण जब्त किए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 43,535 रुपये बताई गई है। घी के सैंपल जांच के लिए सूरत नगर निगम की फूड लैब भेजे गए थे। जांच रिपोर्ट में उत्पाद को मिलावटी और मानव स्वास्थ्य के लिए असुरक्षित बताया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, सैंपल में हल्दी और बीटा-सिटोस्टेरॉल जैसे तत्व पाए गए, जो सामान्य शुद्ध घी में नहीं होते। इसके अलावा नमी और फैटी एसिड से जुड़े मानकों में भी अंतर मिला है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी खाद्य सुरक्षा विभाग की नजर से बचने के लिए रात के समय यह काम करता था। पूछताछ में सामने आया कि वह रात करीब 10 बजे से सुबह 2 बजे के बीच नकली घी तैयार करता था। पुलिस का दावा है कि यह कारोबार करीब एक साल से चल रहा था। आरोपी जरूरत के हिसाब से नकली घी तैयार करता था और एक बार में करीब 50 से 100 किलो तक माल तैयार कर बेचता था।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने कथित तौर पर FSSAI लाइसेंस का इस्तेमाल कर नकली उत्पाद को असली घी के रूप में बेचने की कोशिश की। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह नकली घी किन-किन दुकानदारों और व्यापारियों तक पहुंचा था। साथ ही इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने इस मामले में गुजरात के पाटन जिले के चाणस्मा तालुका निवासी 42 वर्षीय राजेशकुमार जयंतीभाई पटेल को आरोपी बनाया है। उसके खिलाफ खाद्य सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई शुरू कर दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मिलावट नेटवर्क से जुड़े और लोगों का खुलासा हो सकता है।

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

× Popup Image