West Bengal exit poll 2026 : नई दिल्ली/कोलकाता। पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के विधानसभा चुनावों को लेकर एग्जिट पोल के आंकड़े सामने आने लगे हैं, जिनमें अलग-अलग एजेंसियों के अनुमान ने सियासी माहौल को और गर्मा दिया है। पश्चिम बंगाल में पीपुल्स पल्स के एग्जिट पोल के मुताबिक तूलमूल कांगेस को 177 से 187 सीटें मिल सकती हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी को 95 से 110 सीटों का अनुमान दिया गया है। वहीं मैट्रिज के सर्वे में तस्वीर उलट नजर आती है, जहां भाजपा को 146 से 161 सीटें और टीएमसी को 125 से 140 सीटें मिलने का अनुमान जताया गया है।
प्रजा पोल ने भाजपा के पक्ष में बड़ा अनुमान देते हुए 177 सीटों तक जीत का दावा किया है, जबकि टीएमसी को करीब 100 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। दूसरी ओर, पी-मार्क के एग्जिट पोल में भाजपा को 150 से 175 सीटें और टीएमसी को 118 से 138 सीटें मिलने का अनुमान है।
अन्य राज्यों की बात करें तो Assam में एक्सिस माय इंडिया के एग्जिट पोल के अनुसार भाजपा के नेतृत्व वाला एनडीए 88 से 100 सीटों के साथ सत्ता में वापसी करता दिख रहा है, जबकि कांग्रेस को 24 से 36 सीटें मिल सकती हैं। वहीं Kerala में मुकाबला बेहद दिलचस्प नजर आ रहा है। वोट वाइब के सर्वे के मुताबिक यहां यूडीएफ को 70 से 80 सीटें मिल सकती हैं, जबकि सत्तारूढ़ एलडीएफ 58 से 68 सीटों के बीच सिमटती दिख रही है।
P-MARQ के एग्जिट पोल
टीएमसी-118-138 सीटें
बीजेपी-150-175 सीटें
कांग्रेस-0 सीटें
लेफ्ट-0 सीटें
Matrize के एग्जिट पोल
टीएमसी- 125-140 सीट
बीजेपी-146-161 सीट
अन्य-6-10 सीट
Peoples Pulse एग्जिट पोल
टीएमसी-178-189 सीटें
बीजेपी-95-110 सीटें
कांग्रेस- 1-3 सीटें
लेफ्ट- 0-1 सीटें
चाणाक्या के एग्जिट पोल
टीएमसी-130-140 सीटें
बीजेपी-150-160 सीटें
अन्य – 0 से 6 सीटें
चाणक्य स्ट्रैटेजीज़ ने BJP को TMC से आगे बताया
पश्चिम बंगाल में चाणक्य स्ट्रैटेजीज़ के एग्जिट पोल ने बड़ा उलटफेर दिखाते हुए भारतीय जनता पार्टी को बढ़त में बताया है। एजेंसी के मुताबिक 294 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा 150–160 सीटें जीत सकती है, जबकि तूलमूल कांग्रेस 130–140 सीटों पर सिमट सकती है। यह आंकड़े सत्ता-विरोधी लहर के संकेत माने जा रहे हैं। Matrize और PMARQ के बाद यह तीसरी एजेंसी है, जिसने भाजपा को आगे दिखाया है।
हालांकि, People’s Pulse का अनुमान पूरी तरह अलग तस्वीर पेश करता है। इस सर्वे के अनुसार टीएमसी 177–187 सीटों के साथ स्पष्ट बहुमत हासिल कर सकती है, जबकि भाजपा 95–110 सीटों तक सीमित रह सकती है। अगर यह अनुमान सही साबित होता है, तो ममता बनर्जी की पार्टी एक बार फिर मजबूत जनादेश के साथ सत्ता में लौटेगी।
वहीं केरल में एग्जिट पोल लगभग एकमत नजर आ रहे हैं। Axis My India के अनुसार UDF को 78–90 सीटें मिल सकती हैं, जो इसे स्पष्ट बढ़त दिलाता है। LDF को 49–62 सीटों पर सिमटने का अनुमान है, जबकि NDA का प्रभाव बेहद सीमित दिखाई दे रहा है।
People’s Pulse और Matrize के आंकड़े भी इसी रुझान की पुष्टि करते हैं, जिससे यह संकेत मिलता है कि केरल में सत्ता परिवर्तन लगभग तय माना जा रहा है। अगर ये अनुमान सही साबित होते हैं, तो मौजूदा मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन का कार्यकाल समाप्त हो जाएगा और राज्य में पारंपरिक सत्ता परिवर्तन का सिलसिला एक बार फिर कायम रहेगा।
केरल में यूडीएफ को स्पष्ट बहुमत
केरल और असम के एग्जिट पोल ने चुनावी तस्वीर को काफी हद तक स्पष्ट कर दिया है, जहां केरल में सत्ता परिवर्तन के संकेत हैं तो असम में मुकाबला रोचक बना हुआ है। केरल में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) की सत्ता में वापसी लगभग तय मानी जा रही है। People’s Pulse के अनुसार UDF को 75–85 सीटें मिल सकती हैं, जबकि लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) 55–65 सीटों पर सिमट सकता है। वहीं Matrize के अनुमान में भी UDF को 70–75 और LDF को 60–65 सीटें मिलने की संभावना जताई गई है। 140 सीटों वाली विधानसभा में बहुमत का आंकड़ा 71 है, और दोनों ही सर्वे UDF को इस सीमा से ऊपर दिखाते हैं।
दूसरी ओर, असम में कांग्रेस+ गठबंधन को ग्रामीण क्षेत्रों में मजबूत बढ़त मिलती दिखाई दे रही है। आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में कांग्रेस+ को +7 का स्विंग मिला है, जो किसी भी क्षेत्र में उसकी सबसे बड़ी बढ़त है। हालांकि, यह बढ़त NDA के मुकाबले अंतर को पूरी तरह खत्म करने के लिए पर्याप्त नहीं मानी जा रही।
Puducherry Exit Poll: पुडुचेरी के एग्जिट पोल में वोटिंग पैटर्न को लेकर दिलचस्प रुझान सामने आए हैं, जो उम्र के आधार पर मतदाताओं की स्पष्ट पसंद को दर्शाते हैं। विश्लेषण के मुताबिक, युवाओं में TVK+ गठबंधन का प्रभाव साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। 18–29 आयु वर्ग के मतदाताओं में TVK+ सबसे आगे है, जबकि पहली बार वोट डालने वाले युवाओं में इसे 50 प्रतिशत से अधिक समर्थन मिला है। यह संकेत देता है कि युवा मतदाता बदलाव की ओर झुकाव दिखा रहे हैं।वहीं, उम्र बढ़ने के साथ राजनीतिक पसंद भी बदलती नजर आती है। 40 वर्ष से अधिक आयु वर्ग में NDA की पकड़ मजबूत होती दिख रही है। खासकर 60 वर्ष से ऊपर के मतदाताओं में NDA को करीब 52 प्रतिशत का समर्थन मिलने का अनुमान है, जो इसकी स्थिर और अनुभवी मतदाता आधार को दर्शाता है।



