US Iran Conflict : नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर पिछले 13 दिनों से लगातार जारी सैन्य हमलों पर फिलहाल विराम लगाने का फैसला किया है। लगभग दो सप्ताह तक हर दिन हुए हमलों के बाद यह पहला मौका है, जब अमेरिका ने नई सैन्य कार्रवाई रोक दी है। बताया जा रहा है कि नए हमले की योजना तैयार होने के बावजूद ट्रंप ने सेना को फिलहाल कोई नया स्ट्राइक नहीं करने का निर्देश दिया है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह फैसला कूटनीतिक प्रयासों को मौका देने, मिसाइल रक्षा भंडार में कमी की चिंता और संघर्ष के बड़े युद्ध में बदलने की आशंका को देखते हुए लिया गया है। हालांकि अमेरिका ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि बातचीत विफल होती है या हालात बिगड़ते हैं तो सैन्य अभियान दोबारा शुरू करने की पूरी तैयारी मौजूद है।

‘ईरान से समझौता ज्यादा बेहतर विकल्प’
डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि सीमित सैन्य कार्रवाई अपने उद्देश्य तक पहुंच चुकी है और अब विवाद का समाधान बातचीत के जरिए तलाशा जाना चाहिए। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि अमेरिका हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है, लेकिन उनकी प्राथमिकता युद्ध को लंबा खींचने के बजाय कूटनीतिक समाधान निकालना है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत जारी है और उन्हें उम्मीद है कि समय के साथ तेहरान का रुख अधिक गंभीर होगा। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि फिलहाल ईरान तत्काल किसी समझौते के लिए तैयार दिखाई नहीं देता। इसके बावजूद अमेरिकी प्रशासन बातचीत का रास्ता खुला रखना चाहता है, ताकि तनाव कम हो सके और क्षेत्र में स्थिरता कायम रहे। साथ ही, ट्रंप ने संकेत दिया कि यदि कूटनीतिक प्रयास सफल नहीं होते हैं तो अमेरिका जरूरत पड़ने पर फिर से सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।
व्हाइट हाउस में रणनीतिक बैठक के बाद बदला रुख
ईरान के खिलाफ जारी सैन्य अभियान को लेकर अमेरिका ने फिलहाल संयम बरतने का फैसला किया है। CNN की रिपोर्ट के अनुसार, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने व्हाइट हाउस में हुई उच्चस्तरीय बैठक के दौरान संघर्ष को और बढ़ाने पर चिंता जताई। रक्षा विभाग के एक सूत्र के मुताबिक, ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान फिलहाल ‘होल्ड’ पर रखे गए हैं। ट्रंप के करीबी सहयोगियों का भी मानना है कि अतिरिक्त हमले क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकते हैं, जबकि अमेरिका अपने रणनीतिक उद्देश्यों को कूटनीतिक माध्यम से भी हासिल कर सकता है।
कूटनीतिक प्रयासों ने पकड़ी रफ्तार
सैन्य विराम के साथ ही अमेरिका और उसके सहयोगी देशों ने कूटनीतिक पहल तेज कर दी है। ओमान का एक प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा है, जहां ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को दोबारा खोलने और तनाव कम करने के लिए बातचीत जारी है। वहीं, खाड़ी देशों ने भी वॉशिंगटन से संयम बरतने की अपील की है।
व्हाइट हाउस के संचार निदेशक स्टीवन चेउंग ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप हमेशा कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता देते हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ईरान ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ या अमेरिकी सहयोगियों के खिलाफ हमले जारी रखता है, तो अमेरिका के पास सैन्य कार्रवाई सहित सभी विकल्प खुले रहेंगे। फिलहाल ट्रंप की प्राथमिकता बिना बड़े युद्ध के बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की है।



