Wednesday, October 28, 2026
HomeIndiaधीरेंद्र शास्त्री ने करवा चौथ को बताया ‘खसम पूजन दिवस’, बोले- 1...

धीरेंद्र शास्त्री ने करवा चौथ को बताया ‘खसम पूजन दिवस’, बोले- 1 दिन व्रत रखकर 364 दिन पति को ताने न दें

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने करवा चौथ को लेकर मजाकिया अंदाज में ऐसी बात कही, जो चर्चा में है।

बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने करवा चौथ को लेकर मजाकिया अंदाज में ऐसी बात कही, जो चर्चा में है। उन्होंने करवा चौथ को ‘खसम पूजन दिवस’ बताते हुए कहा कि सिर्फ एक दिन व्रत रखने से कुछ नहीं होगा, बल्कि पूरे साल पति के प्रति प्यार और सम्मान की भावना भी बनाए रखनी चाहिए। धीरेंद्र शास्त्री इन दिनों मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करैरा में सात दिवसीय श्रीराम कथा कर रहे हैं। सोमवार को कथा के दौरान आयोजित ‘सीधी बात’ सेशन में एक श्रद्धालु ने उनसे करवा चौथ का व्रत रखने को लेकर सवाल पूछा। इसके जवाब में उन्होंने हल्के-फुल्के अंदाज में अपनी बात रखी।

‘एक दिन व्रत, बाकी 364 दिन ताने क्यों?’
करवा चौथ पर अपनी बात रखते हुए धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि महिलाओं को एक दिन व्रत रखने के बाद साल के बाकी 364 दिन अपने पतियों को ताने नहीं देने चाहिए। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि पतियों से यह नहीं कहना चाहिए कि कहां से मिल गए, किस मुहूर्त में शादी हुई थी या इससे अच्छा तो हम ऐसे ही मर जाते। उनकी इस टिप्पणी का मकसद यह समझाना था कि पति की लंबी उम्र के लिए व्रत रखने के साथ रिश्ते में पूरे साल प्रेम और सम्मान बनाए रखना भी जरूरी है।

बोले- करवा चौथ पर एक संकल्प जरूर लें
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि करवा चौथ का व्रत रखना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि पाश्चात्य संस्कृति के बढ़ते प्रभाव के दौर में भले ही शास्त्रों में इस व्रत का बहुत कड़ा विधान न मिलता हो, लेकिन इस अवसर पर एक संकल्प जरूर लेना चाहिए। उनके मुताबिक, करवा चौथ पर पति की लंबी उम्र के लिए जिस श्रद्धा, साधना और समर्पण के साथ प्रार्थना की जाती है, वही भावना पूरे साल भी बनी रहनी चाहिए। तभी इस व्रत का वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सकेगा।

करवा चौथ पर पति की लंबी उम्र के लिए रखा जाता है व्रत
करवा चौथ हिंदू धर्म में विवाहित महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए व्रत रखती हैं। कई जगह महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देने और पति के हाथों व्रत खोलने की परंपरा का पालन करती हैं। धीरेंद्र शास्त्री की टिप्पणी में व्रत के साथ वैवाहिक रिश्ते में प्रेम, समझ और सम्मान बनाए रखने पर जोर दिया गया। उनका संदेश था कि रिश्ते की मजबूती केवल एक दिन की पूजा या व्रत से नहीं, बल्कि पूरे साल के व्यवहार से भी जुड़ी होती है।

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

× Popup Image