नई दिल्ली (प्रज्ञा पांडे)। NEET पेपर लीक विवाद के बीच इस्तीफा देने के बाद पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान सोमवार को पहली बार संसद पहुंचे। संसद पहुंचने पर NDA सांसदों ने उनका स्वागत किया। सांसदों ने उन्हें शॉल पहनाई और मिथिला पाग पहनाकर सम्मानित किया। इस दौरान उनके समर्थन में नारे भी लगाए गए। धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। उनका इस्तीफा NEET परीक्षा विवाद और परीक्षा व्यवस्था को लेकर बढ़ते राजनीतिक दबाव के बीच आया। वहीं, संसद के मानसून सत्र में NEET मामले को लेकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और परीक्षा में गड़बड़ियों को लेकर सदन के अंदर और बाहर प्रदर्शन किया।
सोमवार सुबह विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर के मकर द्वार पर प्रदर्शन किया। विपक्षी दलों ने NEET विवाद को लेकर सरकार से जवाब मांगा और छात्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की मांग की। कांग्रेस सहित विपक्षी नेताओं का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी हैं और इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। विपक्ष ने संसद में इस मुद्दे पर तत्काल चर्चा की मांग भी रखी। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कुछ ही देर बाद दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दी गई। विपक्ष लगातार मांग कर रहा है कि NEET विवाद और छात्रों से जुड़े मामलों पर सरकार संसद में जवाब दे।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने NEET विवाद और छात्रों पर कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की जा रही है और सरकार को इस पूरे मामले पर जवाब देना चाहिए। विपक्ष लगातार प्रधानमंत्री और सरकार से संसद में बयान देने की मांग कर रहा है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने परीक्षा सुधार के लिए सरकार की ओर से उठाए जा रहे कदमों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि परीक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कदम पहले उठाए जाने चाहिए थे। उन्होंने इसे देश के करोड़ों छात्रों के भविष्य से जुड़ा मुद्दा बताया।
सरकार सोमवार को लोकसभा में सार्वजनिक परीक्षाओं में अनुचित साधनों को रोकने से जुड़ा संशोधन विधेयक पेश करने की तैयारी में है। सरकार का कहना है कि परीक्षा व्यवस्था को ज्यादा सुरक्षित बनाने और पेपर लीक जैसी घटनाओं पर सख्ती के लिए कानूनी प्रावधानों को मजबूत किया जा रहा है। NEET परीक्षा को लेकर विवाद के बाद देशभर में छात्रों और विपक्षी दलों ने विरोध प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और जिम्मेदारी तय करने की मांग की। विवाद के बाद सरकार ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए कदम उठाने की बात कही। इसी घटनाक्रम के बीच धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा सामने आया। NEET पेपर लीक और छात्रों से जुड़े मुद्दे को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच टकराव आगे भी जारी रहने के संकेत हैं। जहां विपक्ष इस मामले में जवाबदेही और चर्चा की मांग कर रहा है, वहीं सरकार परीक्षा सुधार और सख्त कानून के जरिए व्यवस्था को मजबूत करने की बात कह



