Saturday, May 16, 2026
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DGCA ने प्रमुख हवाई अड्डों पर निगरानी के दौरान विमानन पारिस्थितिकी तंत्र में कई खामियां पाई

नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने मंगलवार को कहा कि प्रमुख हवाई अड्डों पर की गई निगरानी में विमानन पारिस्थितिकी तंत्र में कई खामियां सामने आई हैं

DGCA News : नई दिल्ली। नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) ने मंगलवार को कहा कि प्रमुख हवाई अड्डों पर की गई निगरानी में विमानन पारिस्थितिकी तंत्र में कई खामियां सामने आई हैं। नियामक ने कहा कि इनमें कई ऐसे मामले शामिल हैं, जहां विमान में खामियां फिर से दिखाई दीं और रनवे पर केंद्र रेखा का निशान धुंधला हो गया था। अहमदाबाद में 12 जून को एयर इंडिया के विमान के दुर्घटनाग्रस्त होने की पृष्ठभूमि में की गई इस जांच में उड़ान संचालन, उड़ान योग्यता, रैंप सुरक्षा, हवाई यातायात नियंत्रण, संचार, नेविगेशन प्रणाली और उड़ान-पूर्व चिकित्सा मूल्यांकन जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को शामिल किया गया था।

नागर विमानन महानिदेशालय ने बयान में विमानन पारिस्थितिकी तंत्र में एयरलाइन कंपनियों या किसी अन्य इकाई का नाम बताए बिना कहा कि सुधारात्मक कार्रवाई करने के लिए संबंधित पक्षों को सात दिन के भीतर निष्कर्षों के बारे में बता दिया गया। बयान में कहा गया कि निगरानी के दौरान, एक अनुसूचित एयरलाइन की घरेलू उड़ान घिसे हुए टायरों के कारण रुकी हुई पाई गई और आवश्यक सुधार के बाद ही उसे छोड़ा गया। नियामक ने कहा कि ऐसे कई मामले थे, जिनमें पहले पता चल चुकी खामियां विमान में फिर से दिखाई दीं, जिससे अप्रभावी निगरानी और अपर्याप्त सुधार का संकेत मिलता है।

नियामक ने यह भी पाया कि एक सिम्युलेटर विमान की बनावट से मेल नहीं खा रहा था और सॉफ्टवेयर भी वर्तमान संस्करण में ‘अपडेट’ नहीं किया गया था। संयुक्त महानिदेशक के नेतृत्व में दो दलों ने दिल्ली और मुंबई हवाई अड्डों सहित प्रमुख हवाई अड्डों पर रात और सुबह के समय निगरानी की।

बयान में कहा गया कि निगरानी के दौरान ‘बैगेज ट्रॉली’ जैसे उपकरण खराब पाए गए। विमान के रखरखाव के दौरान कार्य आदेश का पालन नहीं किया गया था और अनुपयोगी ‘थ्रस्ट रिवर्सर’ प्रणाली और ‘फ्लैप स्लैट लीवर’ को लॉक नहीं किया गया था। बयान में कहा गया, ”रखरखाव के दौरान, एएमई (विमान रखरखाव इंजीनियर) द्वारा एएमएम (विमान रखरखाव मैनुअल) के अनुसार सुरक्षा सावधानियां नहीं बरती गईं।” डीजीसीए ने पाया कि विमान में कई जीवन रक्षक जैकेट उनकी निर्धारित सीट के नीचे ठीक से नहीं रखे गए थे।

कई हवाई अड्डों के आसपास नए निर्माण के बावजूद कोई सर्वेक्षण नहीं किया गया था। हालांकि, इन हवाई अड्डों के नाम का खुलासा नहीं किया गया। डीजीसीए ने कहा कि विमानन पारिस्थितिकी तंत्र में जोखिमों का पता लगाने के लिए भविष्य में व्यापक निगरानी जारी रहेगी।

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Mukesh Kumar
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