नागौर। शहर के ऐतिहासिक प्रतापसागर तालाब को नया स्वरूप देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल शुरू हो गई है। नगर परिषद की महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत तालाब और उसके आसपास के क्षेत्र का व्यापक विकास किया जाएगा। इस योजना का उद्देश्य जल संरक्षण को बढ़ावा देने के साथ-साथ नागरिकों को बेहतर मनोरंजन और स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
करीब दो करोड़ रुपये की लागत से संचालित इस परियोजना में तालाब के सौंदर्यीकरण और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। वर्षों से जमा गाद और गंदगी को हटाकर तालाब की जलधारण क्षमता बढ़ाई जाएगी, जिससे वर्षा जल का अधिक प्रभावी संचयन संभव हो सकेगा। इसके साथ ही भूजल स्तर सुधारने के प्रयासों को भी मजबूती मिलेगी।
योजना के तहत तालाब की पाल को मजबूत बनाने के लिए विशेष निर्माण कार्य किए जाएंगे। सुरक्षा दीवार, जल निकासी व्यवस्था और अन्य संरचनात्मक सुविधाओं का विकास भी प्रस्तावित है। बरसाती पानी की सुचारू आवक सुनिश्चित करने के लिए अलग से नहर का निर्माण कार्य भी शुरू किया गया है।
प्रतापसागर क्षेत्र को आकर्षक पर्यटन और मनोरंजन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए कई नई सुविधाएं जोड़ी जाएंगी। तालाब के मध्य फ्लोटिंग फाउंटेन स्थापित किया जाएगा, जबकि आसपास हरित क्षेत्र और सुंदर उद्यान विकसित किए जाएंगे। नागरिकों की सुविधा के लिए सैर मार्ग, विश्राम स्थल और बैठने की व्यवस्थाएं भी बनाई जाएंगी।
बच्चों के लिए आधुनिक खेल क्षेत्र तैयार किया जाएगा, जहां विभिन्न प्रकार के झूले और खेल उपकरण उपलब्ध होंगे। वहीं युवाओं और बुजुर्गों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए ओपन जिम की सुविधा भी विकसित की जाएगी। बड़े पैमाने पर पौधरोपण कर क्षेत्र को हराभरा बनाया जाएगा तथा सिंचाई और प्रकाश व्यवस्था को भी सुदृढ़ किया जाएगा।
अधिकारियों का मानना है कि परियोजना पूरी होने के बाद प्रतापसागर तालाब न केवल जल संरक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा, बल्कि यह स्थानीय लोगों और पर्यटकों के लिए भी आकर्षण का प्रमुख स्थल बनकर उभरेगा। इससे शहर की सुंदरता बढ़ने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण को भी नई मजबूती मिलेगी।



