NEET Paper Leak : अलप्पुझा। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल (K.C. Venugopal) ने नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) से सार्वजनिक माफी की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ बर्बर व्यवहार हुआ और सरकार जवाब देने से बच रही है। कांग्रेस इस मुद्दे को संसद में जोरदार ढंग से उठाएगी। वेणुगोपाल ने कहा कि यह मुद्दा 27 जुलाई को संसद में जोरदार तरीके से उठाया जाएगा और सरकार से हर कार्रवाई का जवाब मांगा जाएगा। अलप्पुझा से सांसद वेणुगोपाल ने यहां संवाददाताओं से कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने संसद सत्र के दौरान संयुक्त रणनीति तैयार करने के लिए सोमवार सुबह विपक्षी दलों की बैठक बुलाई है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह सुरक्षित बनाने और परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ कड़े कानूनी प्रावधान करने के उद्देश्य से प्रस्तावित विधेयक का मसौदा वितरित किया है। उन्होंने कहा, हम प्रस्तावित विधेयक पर चर्चा करेंगे और विपक्षी दलों की बैठक में सर्वसम्मति से संसद की रणनीति तय करेंगे।

वेणुगोपाल ने सरकार पर साधा तीखा निशाना
वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अब तक कई सवालों का जवाब नहीं दिया है, खासकर राष्ट्रीय राजधानी में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर। उन्होंने कहा, ‘‘दिल्ली पुलिस ने छात्र आंदोलन से निपटने के लिए अभूतपूर्व तरीका अपनाया। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) सहित अर्द्धसैनिक बल भी तैनात किए गए। ‘पैलेट गन’ का इस्तेमाल क्यों किया गया? किस तरह के हथियारों के इस्तेमाल की अनुमति दी गई थी? उनका इस्तेमाल किसके निर्देश पर किया गया? क्या यह गृह मंत्री के निर्देश पर हुआ?’’ उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का कर्तव्य है कि वे संसद में इन सवालों का जवाब दें।
वेणुगोपाल ने कहा, ‘‘प्रदर्शन के दौरान गृह मंत्रालय की हर कार्रवाई पर संसद में कड़े सवाल उठाए जाएंगे। सरकार इन सवालों का जवाब देने के बाद ही चर्चा सुचारू रूप से आगे बढ़ सकती है। सरकार को केवल दिखावटी कदम उठाने के बजाय यह भी बताना चाहिए कि उसने किस प्रक्रिया का पालन किया।’’ उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री को छात्रों से माफी मांगनी चाहिए।
पीएम ने ‘जेन-जेड’ को संबोधित करते हुए वीडियो जारी किया
वेणुगोपाल ने कहा, प्रधानमंत्री ने ‘जेन-जेड’ को संबोधित करते हुए वीडियो जारी किए। यदि उनमें थोड़ी भी ईमानदारी होती तो कम-से-कम यह कहते कि छात्रों के साथ जो हुआ, वह गलत था। उनकी आंखों के सामने इतनी बर्बर कार्रवाई हुई और वह चुप रहे। देश चाहता है कि वह माफी मांगें और हम भी यही मांग दोहरा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की बेरहमी से पिटाई की गई और इस घटना पर प्रधानमंत्री की चुप्पी ‘‘बेहद शर्मनाक’’ है। यह पूछे जाने पर कि क्या कांग्रेस छात्र आंदोलन का श्रेय लेने की कोशिश कर रही है, वेणुगोपाल ने इस आरोप को खारिज करते हुए कहा कि आंदोलन का नेतृत्व छात्रों और युवाओं ने किया तथा विपक्षी दलों ने सामूहिक रूप से उसका समर्थन किया। उन्होंने कहा, यह किसी एक मंच का संघर्ष नहीं था। यह संयुक्त संघर्ष था। इसमें भाग लेने वाले किसी भी संगठन को हमने कभी कमतर नहीं आंका। कांग्रेस को अपनी ताकत पर पूरा भरोसा है और वह छात्रों द्वारा उठाए गए मुद्दों के साथ मजबूती से खड़ी है।
प्रदर्शनों के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी की भूमिका का उल्लेख करते हुए वेणुगोपाल ने कहा कि राहुल छात्रों के साथ मजबूती से खड़े रहे और सुरक्षा संबंधी पाबंदियों के बावजूद प्रधानमंत्री आवास के निकट हुए प्रदर्शन का भी नेतृत्व किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने ही प्रश्नपत्र लीक का मुद्दा देशभर में लगातार उठाया है। यह पूछे जाने पर कि क्या प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी घायल हुए थे, वेणुगोपाल ने कहा कि पुलिस कार्रवाई के बाद उनकी नाक से खून निकल रहा था। उन्होंने कहा, ‘‘मैं उनके ठीक बगल में बैठा था। उनकी नाक से खून निकल रहा था। हम सभी को चोटें आयी थीं। लेकिन राहुल गांधी ने स्वयं कहा कि हमारी चोटों की चर्चा करने के बजाय देश को इस बात पर चर्चा करनी चाहिए कि गरीब छात्रों की कितनी बर्बर तरीके से पिटाई की गई।’’

केरल में युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ पुलिस के कथित दुर्व्यवहार से जुड़े सवाल पर वेणुगोपाल ने कहा कि सरकार बदलने के बावजूद कुछ पुलिस अधिकारी अब भी पूर्ववर्ती सरकार की कार्यशैली और मानसिकता से बाहर नहीं निकल पाए हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि यदि कोई शिकायत दर्ज कराई गई है तो पुलिस को उसकी निष्पक्ष जांच करनी चाहिए। केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन की बेटी वीणा टी. से जुड़े सीएमआरएल धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच के बारे में पूछे जाने पर वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस शुरू से ही कहती रही है कि कथित वित्तीय लेनदेन पूर्व मुख्यमंत्री के प्रभाव के कारण हुआ। उन्होंने कहा, ‘‘हम शुरू से यही कहते आए हैं। पहले दावा किया गया था कि यह राशि सेवाओं के बदले पारिश्रमिक के रूप में दी गई थी। हमारा कहना था कि यह सब मुख्यमंत्री के प्रभाव के कारण हुआ। जांच जारी है और उसे कानून के अनुसार आगे बढ़ने दिया जाना चाहिए।’’



