Monday, November 9, 2026
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NEET-UG री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर बैन बरकरार, दिल्ली हाईकोर्ट ने फैसले में कही ये बात

Delhi High Court On Telegram: दिल्ली हाईकोर्ट ने NEET-UG री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को बरकरार रखा है। न्यायमूर्ति तेजस करिया की पीठ ने कहा कि केंद्र सरकार ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 69A के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया है और आपात परिस्थितियों में यह कदम उचित है।

Delhi High Court On Telegram: दिल्ली हाईकोर्ट ने 21 जून को होने वाली NEET-UG पुनर्परीक्षा से पहले सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को बरकरार रखा है. अदालत ने केंद्र सरकार के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में यह आदेश अनुचित नहीं है और इसे कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए जारी किया गया है.

कोर्ट ने कही ये बात

जस्टिस तेजस करिया की अवकाशकालीन पीठ ने शुक्रवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि सभी पक्षों की दलीलों पर विचार करने के बाद अदालत इस निष्कर्ष पर पहुंची है कि आपात स्थिति को देखते हुए केंद्र सरकार द्वारा दिए गए कारण पर्याप्त हैं. साथ ही सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69ए के तहत निर्धारित प्रक्रिया का भी पालन किया गया है.

‘टेलीग्राम तक पहुंच रोकने का निर्णय तथ्यों और पर्याप्त कारणों पर आधारित’

अदालत ने कहा कि केंद्र सरकार को राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक व्यवस्था और संप्रभुता की रक्षा के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म तक पहुंच को प्रतिबंधित करने का अधिकार प्राप्त है. न्यायालय ने यह भी माना कि टेलीग्राम तक पहुंच रोकने का निर्णय तथ्यों और पर्याप्त कारणों पर आधारित है तथा इसमें किसी प्रकार की मनमानी नहीं दिखाई देती.

टेलीग्राम की तरफ से कही गई थी ये बात

सुनवाई के दौरान टेलीग्राम ने दावा किया था कि उसके साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार किया गया है. कंपनी ने कहा कि अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म की तुलना में उसे अलग-थलग किया गया है, जो संविधान के अनुच्छेद 14 के तहत समानता के अधिकार का उल्लंघन है. टेलीग्राम ने यह भी बताया कि उसने NEET से जुड़ी अवैध सामग्री वाले 900 से अधिक लिंक पहले ही हटा दिए हैं और प्लेटफॉर्म पर निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, मशीन लर्निंग तथा मैनुअल मॉडरेशन का उपयोग किया जा रहा है.

कंपनी के अनुसार, मई महीने से वह सरकारी एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में थी और कई बैठकों के दौरान विस्तृत जवाब भी सौंपे गए थे. टेलीग्राम ने दावा किया कि 9 जून को अधिकारियों से आपत्तिजनक URL मिलने के बाद एक घंटे के भीतर संबंधित सामग्री को हटा दिया गया था.

सरकार ने अदालत में कही ये बात

हालांकि केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि NEET-UG पेपर लीक मामले की जांच और री एग्जाम की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए यह कदम आवश्यक था. इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की सिफारिश पर 16 जून को आदेश जारी कर भारत में 22 जून तक टेलीग्राम तक पहुंच अस्थायी रूप से प्रतिबंधित कर दी थी.

गौरतलब है कि 3 मई को आयोजित NEET-UG परीक्षा को पेपर लीक के आरोपों के बाद 12 मई को रद्द कर दिया गया था. मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) कर रहा है, जबकि पुनर्परीक्षा 21 जून को आयोजित की जाएगी. हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब टेलीग्राम पर लगा अस्थायी प्रतिबंध 22 जून तक जारी रहेगा.

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