Thursday, August 13, 2026
HomeLatest Newsयूरोप में भीषण गर्मी का असर: डानुबे नदी में 1944 का डूबा...

यूरोप में भीषण गर्मी का असर: डानुबे नदी में 1944 का डूबा जर्मन युद्धपोत फिर आया नजर!

नई दिल्ली। यूरोप में भीषण गर्मी और सूखे के कारण डानुबे नदी का जलस्तर तेजी से घट रहा है। सर्बिया के प्राहोवो के पास नदी का पानी कम होने से द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान 1944 में डुबोया गया एक जर्मन युद्धपोत फिर दिखाई देने लगा है। घटते जलस्तर ने पुराने जहाजों के मलबे को सामने ला दिया है, वहीं हंगरी और रोमानिया के परमाणु बिजली संयंत्रों की कूलिंग व्यवस्था को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।

डानुबे नदी में फिर दिखा 1944 का युद्धपोत

सर्बिया के प्राहोवो के पास डानुबे नदी में पानी कम होने के बाद द्वितीय विश्व युद्ध के समय डुबोए गए जर्मन जहाजों का मलबा फिर दिखाई देने लगा है। सितंबर 1944 में सोवियत सेना के आगे बढ़ने के दौरान पीछे हट रही जर्मन सेना ने कई जहाजों को डानुबे में डुबो दिया था। इन जहाजों का मलबा आज भी नदी के तल में मौजूद है। जब नदी का जलस्तर घटता है तो जहाजों के कुछ हिस्से पानी से बाहर दिखाई देने लगते हैं। इससे पहले भी इस क्षेत्र में कम जलस्तर के दौरान पुराने जहाजों का मलबा सामने आ चुका है।

सिर्फ इतिहास नहीं, बड़े संकट का संकेत

डानुबे में पुराने युद्धपोत का दिखाई देना भले ही इतिहास से जुड़ी घटना लगती हो, लेकिन इसके पीछे यूरोप में बढ़ती गर्मी और सूखे की गंभीर स्थिति भी नजर आ रही है। इस साल यूरोप के कई हिस्सों में तापमान अधिक रहा और बारिश कम हुई। इसका सीधा असर नदियों के जलस्तर पर पड़ा है। डानुबे यूरोप की प्रमुख नदियों में शामिल है और यह करीब 10 देशों से होकर गुजरती है।

परमाणु बिजली संयंत्रों पर भी असर

डानुबे नदी का पानी हंगरी और रोमानिया के परमाणु बिजली संयंत्रों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इन संयंत्रों में रिएक्टरों और अन्य उपकरणों को ठंडा रखने के लिए नदी के पानी का इस्तेमाल किया जाता है। जलस्तर कम होने के कारण बिजली उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। हंगरी के पाक्स परमाणु बिजली संयंत्र को भी नदी के घटते जलस्तर के कारण उत्पादन कम करना पड़ा है। पाक्स संयंत्र देश की बिजली जरूरतों का करीब आधा हिस्सा पूरा करता है। ऐसे में नदी का जलस्तर लंबे समय तक कम रहने पर ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ सकती है।

बुडापेस्ट में भी बेहद नीचे पहुंचा जलस्तर

डानुबे का जलस्तर केवल सर्बिया में ही नहीं घटा है। हंगरी की राजधानी बुडापेस्ट में भी जुलाई के आखिर में नदी का स्तर बेहद नीचे पहुंच गया था। रिपोर्ट के अनुसार नदी का जलस्तर करीब 28 सेंटीमीटर तक पहुंच गया, जो वहां दर्ज सबसे कम स्तरों में से एक है। इससे पहले अक्टूबर 2018 में 33 सेंटीमीटर का न्यूनतम स्तर दर्ज किया गया था। कम पानी का असर नदी परिवहन और इससे जुड़े अन्य आर्थिक कार्यों पर भी पड़ सकता है।

रोमानिया के न्यूक्लियर प्लांट पर भी चिंता

रोमानिया के सेर्नावोडा परमाणु बिजली संयंत्र के लिए भी डानुबे का पानी महत्वपूर्ण है। 11 अगस्त को नदी का बहाव करीब 1,370 घन मीटर प्रति सेकंड तक पहुंच गया था। पानी की कमी के चलते संयंत्र के दो रिएक्टरों में से एक को पहले ही बंद किया जा चुका है। यदि नदी का जलस्तर और गिरता है तो दूसरे रिएक्टर पर भी असर पड़ने की आशंका है। दोनों रिएक्टर मिलकर रोमानिया की करीब 20 प्रतिशत बिजली जरूरत पूरी करते हैं। इसलिए डानुबे का घटता जलस्तर केवल पर्यावरणीय समस्या नहीं, बल्कि ऊर्जा सुरक्षा के लिए भी चिंता का विषय बन गया है।

गर्मी और सूखे से बढ़ रही परेशानी

यूरोप में इस समय गर्मी और कम बारिश के कारण कई नदियों का जलस्तर प्रभावित हुआ है। डानुबे में पानी की कमी से पुराने युद्धपोतों का मलबा सामने आना इस बदलाव का एक साफ संकेत माना जा रहा है। अगर सूखे और गर्मी का दौर लंबा चलता है तो नदी परिवहन, बिजली उत्पादन और जल संसाधनों पर दबाव और बढ़ सकता है।

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

× Popup Image