Rajasthan News: जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने गुरुवार को प्रदेश के प्रमुख आस्था धामों के विकास कार्यों को लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय में राजस्थान धरोहर प्राधिकरण की बैठक ली। उन्होंने प्रगतिरत विकास कार्यों को समय से पूर्ण करने एवं नए विकास कार्यों की निविदा प्रक्रिया शीघ्र पूरी करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सड़क, पेयजल, बिजली, विश्राम स्थल, स्वच्छता और अन्य आवश्यक आधारभूत सुविधाओं का समुचित विकास सुनिश्चित किया जाए, ताकि धार्मिक पर्यटन को और बढ़ावा मिल सके।

मुख्यमंत्री ने राजस्थान धरोहर प्राधिकरण एवं अजमेर विकास प्राधिकरण को समन्वय के साथ ब्रह्मा मंदिर कॉरिडोर, सरोवर परिक्रमा मार्ग एवं घाटों के विकास कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने देवस्थान विभाग को फेज-1 के तहत तनोट माता मंदिर से जुड़े विकास कार्यों को शीघ्र प्रारंभ करने के लिए भी निर्देशित किया।
उन्होंने पूंछरी का लौठा में चल रहे विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए. साथ ही डीग जिला प्रशासन को गुरु पूर्णिमा मेले की सभी तैयारियां समय पर पूरी करने तथा परिक्रमा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए विश्राम स्थल, पेयजल, बिजली और अन्य सुविधाएं सुनिश्चित करने को कहा.
मुख्यमंत्री ने खाटू श्यामजी मंदिर एवं आसपास के क्षेत्र के सौंदर्यीकरण, सड़क निर्माण और श्रद्धालुओं तथा वाहनों की सुगम आवाजाही के लिए समग्र कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश भी दिए। इन परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग के लिए मुख्य सचिव को इन सभी कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए.
बेणेश्वर धाम और रामदेवरा मेले की तैयारियां
बैठक में बेणेश्वर धाम में प्रस्तावित प्रतिमा, धर्मशाला, रसोईघर और घाटों के विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई. मुख्यमंत्री ने इन सभी कार्यों को गुणवत्ता के साथ पूरा करने पर जोर दिया. उन्होंने रामदेवरा मेले की तैयारियों का फीडबैक लेते हुए जैसलमेर जिला प्रशासन को श्रद्धालुओं के लिए आश्रय स्थल, पेयजल, स्वच्छता और अन्य मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए. साथ ही पदयात्रियों के मार्गों पर आवश्यक सुविधाएं विकसित करने को भी कहा.

पैनोरमाओं के संरक्षण पर विशेष जोर
मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर के ऐतिहासिक पैनोरमाओं के संरक्षण और रखरखाव के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि ये राजस्थान की ऐतिहासिक धरोहर हैं और इनके संरक्षण के साथ-साथ स्कूली विद्यार्थियों को इनका भ्रमण कराया जाए, ताकि वे राज्य के गौरवशाली इतिहास से परिचित हो सकें.
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री ने देवस्थान विभाग से संबंधित बजट घोषणाओं को जल्द पूरा करने के निर्देश देते हुए कहा कि राज्य सरकार प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों को भव्य स्वरूप देने के लिए प्रतिबद्ध है। उनका उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना और राजस्थान में धार्मिक पर्यटन को नई गति देना है।

बैठक में राजस्थान धरोहर प्राधिकरण के अध्यक्ष ओंकार सिंह लखावत, मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित जल संसाधन, मुख्यमंत्री कार्यालय, वित्त, स्वायत्त शासन एवं देवस्थान विभाग के उच्चाधिकारी मौजूद रहे। वहीं, नगरीय विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं संबंधित जिला कलक्टर्स वीसी के माध्यम से जुड़े.
ये भी पढ़ें: जयपुर में ACB की कार्रवाई, 20 हजार की घूस लेते पकड़ा गया मुहाना थाने का कांस्टेबल



