जयपुर। राजस्थान के बारां जिले के छबड़ा में डीएपी खाद की किल्लत को लेकर किसानों का विरोध प्रदर्शन अब सियासी विवाद में बदलता नजर आ रहा है। खाद नहीं मिलने से परेशान किसानों के समर्थन में उतरे युवा नेता नरेश मीणा ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। इस दौरान उन्होंने कैबिनेट मंत्री किरोड़ी लाल मीणा का नाम लेते हुए अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। उनके बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद दोनों नेताओं के समर्थकों के बीच भी बयानबाजी तेज हो गई है।
खाद नहीं मिलने पर अधिकारियों पर बरसे नरेश मीणा
छबड़ा में किसान सरसों की बुवाई के लिए डीएपी खाद लेने पहुंचे थे, लेकिन घंटों कतारों में खड़े रहने के बावजूद कई किसानों को खाद नहीं मिल सकी। इससे नाराज किसान उपखंड अधिकारी कार्यालय पहुंचे। नरेश मीणा भी किसानों के समर्थन में प्रदर्शन में शामिल हुए और खाद वितरण की व्यवस्था पर सवाल उठाए। अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान नरेश मीणा ने आरोप लगाया कि किसानों को खाद के लिए परेशान होना पड़ रहा है, जबकि कुछ लोगों को प्राथमिकता दी जा रही है। उन्होंने अधिकारियों से जनता के हित में काम करने की अपील करते हुए कथित पक्षपात पर नाराजगी जताई।
इसी दौरान उन्होंने मंत्री किरोड़ी लाल मीणा का जिक्र करते हुए कहा कि अधिकारियों को दलाली छोड़कर जनता के लिए काम करना चाहिए। उन्होंने किरोड़ी लाल मीणा और संबंधित अधिकारियों का इलाज करने की चेतावनी भी दी। उनके इस बयान को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चा शुरू हो गई है।
पेड़ के नीचे चारपाई पर गुजारी रात
किसानों की समस्या को लेकर नरेश मीणा ने प्रशासन को खाद वितरण की व्यवस्था सुधारने का अल्टीमेटम दिया। मांग पूरी नहीं होने पर उन्होंने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी और धरना जारी रखने का फैसला किया। प्रदर्शन के दौरान वह पेड़ पर चढ़कर किसानों को संबोधित करते भी नजर आए।
इसके बाद उन्होंने छबड़ा के खेल मैदान में पेड़ के नीचे चारपाई डालकर रात गुजारी। उनके धरने के बीच प्रशासन ने खाद वितरण के लिए टोकन जारी करने की प्रक्रिया शुरू की। हालांकि, नरेश मीणा ने स्पष्ट किया कि केवल टोकन मिलने से किसानों की समस्या का समाधान नहीं होगा। जब तक किसानों को खाद उपलब्ध नहीं हो जाती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
दो दिनों में 1,950 किसानों को खाद के टोकन
प्रशासन के मुताबिक, छबड़ा में दो दिनों के दौरान कुल 1,950 किसानों को डीएपी खाद लेने के लिए टोकन वितरित किए गए। इनमें पहले दिन 1,050 टोकन और अगले दिन 900 टोकन शामिल बताए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार, 900 टोकन में से 600 डीलर और 300 सहकारी समिति के माध्यम से खाद प्राप्त करने के लिए दिए गए।
प्रशासन ने प्रत्येक टोकन पर दो कट्टे खाद उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जानकारी दी है। उपखंड अधिकारी सपना कुमारी के अनुसार, किसी भी किसान को खाद से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा और वितरण की प्रक्रिया जारी है। हालांकि, किसानों के लिए वास्तविक राहत इस बात पर निर्भर करेगी कि टोकन मिलने के बाद उन्हें निर्धारित मात्रा में खाद कब तक उपलब्ध हो पाती है।
सरसों की बुवाई के बीच खाद की किल्लत से बढ़ी चिंता
छबड़ा और आसपास के क्षेत्रों में सरसों की बुवाई का काम तेजी से चल रहा है। इसके बाद गेहूं, चना, लहसुन और धनिया की बुवाई भी होनी है। ऐसे में डीएपी खाद की कमी किसानों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। खाद मिलने में देरी होने से बुवाई का समय प्रभावित होने की आशंका है।
इसी मुद्दे को लेकर नरेश मीणा ने प्रशासन पर दबाव बनाया है। दूसरी ओर, किरोड़ी लाल मीणा के खिलाफ उनकी टिप्पणी सामने आने के बाद उनके समर्थकों ने सोशल मीडिया पर नाराजगी जताई है। कुछ समर्थकों की पोस्ट में नरेश मीणा के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया भी देखने को मिली है।
फिलहाल छबड़ा में खाद वितरण और नरेश मीणा के धरने पर सबकी नजरें टिकी हैं। प्रशासन की ओर से टोकन बांटे जाने के बाद किसानों को राहत की उम्मीद जरूर जगी है, लेकिन आंदोलन समाप्त होगा या नहीं, यह खाद की वास्तविक उपलब्धता पर निर्भर करेगा। वहीं, किरोड़ी लाल मीणा पर की गई टिप्पणी से शुरू हुआ राजनीतिक विवाद आने वाले दिनों में और तूल पकड़ सकता है।



