नई दिल्ली। मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग से जुड़े हालिया विवाद के बीच पश्चिम बंगाल की राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी TMC और CPI(M) के नेताओं के बीच बातचीत हुई है। रिपोर्ट के मुताबिक, CPI(M) महासचिव एमए बेबी और TMC प्रमुख ममता बनर्जी ने शुक्रवार को फोन पर बातचीत की। इस दौरान चुनाव आयोग से जुड़े घटनाक्रम, पश्चिम बंगाल की स्थिति और विपक्षी दलों की संयुक्त रणनीति पर चर्चा हुई। भारत निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, ज्ञानेश कुमार वर्तमान में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं और उन्होंने 19 फरवरी 2025 को 26वें CEC के रूप में कार्यभार संभाला था।
MA Baby ने विपक्षी दलों को लिखा था पत्र
रिपोर्टों के अनुसार, एमए बेबी ने 23 सितंबर को INDIA ब्लॉक के नेताओं को पत्र भेजकर चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर विपक्षी दलों के बीच समन्वय की अपील की थी। पत्र में संयुक्त रणनीति और आगे की कार्रवाई पर चर्चा के लिए विपक्षी दलों को एक मंच पर लाने की बात कही गई थी। ममता बनर्जी ने इस पहल पर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी और विपक्षी दलों के बीच जल्द बैठक की जरूरत पर जोर दिया। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने INDIA ब्लॉक की बैठक जल्द बुलाने की बात कही और इस संदर्भ में राहुल गांधी से हुई बातचीत का भी उल्लेख किया।
चुनाव आयोग के मुद्दे पर विपक्षी एकजुटता की कोशिश
एमए बेबी ने शुक्रवार को भी कहा कि INDIA ब्लॉक को चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे पर साथ आकर आगे की रणनीति तय करनी चाहिए। उन्होंने संभावित विकल्पों में CEC के खिलाफ महाभियोग नोटिस जैसे कदम पर भी विपक्षी गठबंधन के स्तर पर फैसला लेने की बात कही। TMC की ओर से भी CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर पहले से राजनीतिक विरोध दर्ज कराया गया है। 24 सितंबर को TMC की ओर से संसद में नए प्रस्ताव का समर्थन करने की बात भी सामने आई थी।
दूसरे विपक्षी दलों से भी संपर्क
रिपोर्ट के मुताबिक, CPI(M) की ओर से आम आदमी पार्टी, BJD, BRS और DMK समेत अन्य गैर-BJP दलों से भी संपर्क किया गया है। तमिलनाडु की TVK को भी चुनाव आयोग और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर एकजुटता के लिए पत्र भेजे जाने की बात सामने आई है। इस बीच आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगन मोहन रेड्डी ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की व्यवस्था में बदलाव की मांग की है। उन्होंने प्रधानमंत्री, लोकसभा में विपक्ष के नेता और भारत के मुख्य न्यायाधीश वाली तीन सदस्यीय समिति की व्यवस्था बहाल करने का सुझाव दिया है।
TMC के नाम और चुनाव चिन्ह को लेकर भी विवाद
चुनाव आयोग ने सितंबर में TMC के नाम और पारंपरिक चुनाव चिन्ह को लेकर अंतरिम आदेश जारी किया था। आयोग के आदेश के अनुसार, पार्टी के दो प्रतिद्वंद्वी गुटों को आगामी उपचुनावों के लिए अलग नाम और चुनाव चिन्ह दिए गए हैं। इस फैसले को लेकर ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। इस पूरे घटनाक्रम के बीच TMC और CPI(M) के बीच बातचीत को पश्चिम बंगाल और राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी दलों के बीच समन्वय की एक नई कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, संयुक्त विपक्षी रणनीति का अंतिम स्वरूप आने वाली बैठकों और संबंधित दलों के फैसलों के बाद स्पष्ट होगा।



