Wednesday, August 26, 2026
HomeIndiaअयोध्या के बाद राजस्थान के बुटाटी धाम में चंदा चोरी: 22 करोड़...

अयोध्या के बाद राजस्थान के बुटाटी धाम में चंदा चोरी: 22 करोड़ का गबन, कोर्ट के आदेश पर FIR!

कुचेरा (नागौर)। अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में हुई गड़बड़ी के बाद अब राजस्थान के सुप्रसिद्ध धार्मिक स्थल बुटाटी धाम में करोड़ों रुपये के गबन की खबर ने भक्तों और स्थानीय लोगों को हैरान कर दिया है। कुचेरा थाना पुलिस ने न्यायालय के सख्त आदेश पर श्री चतुरदास महाराज मंदिर विकास समिति के पदाधिकारियों के खिलाफ 22 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति के दुरुपयोग और वित्तीय गड़बड़ियों का मामला दर्ज किया है। इस मामले में समिति के निवर्तमान अध्यक्ष देवेंद्र सिंह राठौड़ (निवासी बुटाटी) को नामजद किया गया है, जबकि समिति के अन्य पदाधिकारियों के नाम भी प्राथमिक जांच में शामिल हैं।

यह खबर भी पढ़ें:-कृति सेनन का रक्षाबंधन ऐड विवादों में, पहनावे पर बवाल के बाद ब्रांड ने वापस लिया विज्ञापन

कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद कुचेरा थाने में FIR

स्थानीय ग्रामीण जयपाल सिंह राठौड़, सुशील चोयल, सुखराम चोयल और कानाराम भाणवाल की तरफ से अदालत में परिवाद पेश किया गया था। कोर्ट के रुख को देखते हुए कुचेरा थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 318(4), 316(5), 336(2), 338, 305(ए) और 61(2) के तहत धोखाधड़ी, गबन और साजिश की धाराओं में केस दर्ज कर विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

नकदी से लेकर सोना-चांदी तक में धांधली

परिवाद में लगाए गए आरोपों के अनुसार, आरोपी देवेंद्र सिंह राठौड़ पिछले 3 सालों से मंदिर समिति के अध्यक्ष पद पर रहते हुए बैंक खातों, दान पेटियों, रसीद बुक, खरीद-बिक्री और खातों के लेखा-जोखा के सर्वेसर्वा बने हुए थे। नागौर के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा गठित जांच टीम की रिपोर्ट में यह बात सामने आई कि अध्यक्ष पद के कार्यकाल के दौरान बड़े पैमाने पर नकदी के अलावा भारी मात्रा में सोने-चांदी की हेराफेरी की गई है।

यह खबर भी पढ़ें:-राजस्थान में IMD ने आज 19 जिलों में दिया येलो अलर्ट, 24 घंटे में कई जिलों में झमाझम बारिश!

ऑडिट में सामने आए चौंकाने वाले आंकड़े:

  • गायब रसीदें और बेहिसाब दान: दान में मिले करीब ₹40 लाख का कोई लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं है। इसके अलावा 2,219 दान रसीदों को रिकॉर्ड से गायब कर दिया गया।
  • सोना-चांदी में 2.60 करोड़ का अंतर: मंदिर के वास्तविक रिकॉर्ड और तिजोरी में रखे सोने-चांदी में भारी भिन्नता पाई गई। आरोप है कि करीब 35.5 किलोग्राम अतिरिक्त चांदी की फर्जी कागजी खरीद दिखाई गई।
  • रसोई व निर्माण के नाम पर हेरफेर: भोजनशाला निर्माण के नाम पर कागजों में ₹49.49 लाख से अधिक का खर्च दर्शाया गया, जबकि धरातल पर निर्माण न के बराबर है। वहीं, रसोई संचालन के नाम पर दिखाए गए ₹1.17 करोड़ से अधिक के खर्च को भी पूरी तरह संदिग्ध माना गया है।
  • अन्य अनियमितताएं: गांव के विकास कार्य, सीसीटीवी कैमरे की खरीद और गौशाला समिति को दी गई राशि में भी लाखों रुपये का फर्जीवाड़ा किए जाने का आरोप है।

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

× Popup Image