जयपुर। राजस्थान में मानसून की गतिविधियां एक बार फिर पूर्वी हिस्से में तेज हो गई हैं। 26 अगस्त को जयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने येलो अलर्ट जारी किया है। ताजा मौसम अपडेट के मुताबिक पूर्वी राजस्थान में बुधवार को बारिश का दौर जारी रह सकता है, जबकि 27 अगस्त से इसमें कमी आने के संकेत हैं। मौसम विभाग के अनुसार झारखंड के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है और मानसून ट्रफ भी सक्रिय है। इसके प्रभाव से पूर्वी राजस्थान के कई इलाकों में बारिश हो रही है।
24 घंटे में कई जिलों में झमाझम बारिश
पिछले 24 घंटे में राजस्थान के कई जिलों में भारी बारिश दर्ज की गई। सवाई माधोपुर के भाड़ौती में 4.72 इंच बारिश हुई, जबकि टोंक के अलीगढ़ में 4.25 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा दौसा के राहूवास और सवाई माधोपुर के भावरा में 4.13 इंच बारिश दर्ज हुई। दौसा और लालसोट में 3.74 इंच, बूंदी के नैनवा में 2.83 इंच, तालेड़ा में 2.76 इंच, झालावाड़ के अमलेरा में 2.17 इंच और जयपुर में 1.94 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग के ताजा अपडेट में भी पूर्वी राजस्थान के कई हिस्सों में तेज बारिश की संभावना जताई गई है।
छापी बांध के 7 गेट खोले, हजारों क्यूसेक पानी छोड़ा
झालावाड़ में लगातार बारिश के कारण बांधों में पानी की आवक बढ़ गई है। छापी बांध के 7 गेट खोलकर पानी की निकासी शुरू की गई। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक सातों गेटों को करीब दो-दो मीटर तक खोलकर 31,548 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा था। वहीं चंवली बांध भी पानी से लबालब हो गया है। बांध पर पानी की चादर चलने के बाद जल संसाधन विभाग हालात पर नजर बनाए हुए है।
आज इन इलाकों में बारिश का अलर्ट
26 अगस्त को पूर्वी राजस्थान के जयपुर, कोटा और भरतपुर संभाग के कई जिलों में बारिश की संभावना है। अलग-अलग मौसम अपडेट में सीकर, दौसा, झालावाड़, कोटा, अजमेर, टोंक, करौली, चूरू, बीकानेर, जयपुर और भरतपुर समेत कई इलाकों में बारिश और आंधी की चेतावनी भी दी गई है। लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले स्थानों पर जाने से बचने और स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की सलाह दी गई है।
27 अगस्त से कमजोर पड़ सकता है मानसून
मौसम विभाग के अनुसार 27 अगस्त से 2 सितंबर के बीच पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। हालांकि कुछ इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। फिलहाल भारी बारिश के कारण बांधों और जलाशयों में पानी की आवक बढ़ी हुई है। ऐसे में नदी-नालों और जलभराव वाले क्षेत्रों के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।



