Thursday, August 6, 2026
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BSP के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन, कैंसर से लंबी लड़ाई के बाद 55 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

लखनऊ (प्रज्ञा पांडे)। बहुजन समाज पार्टी (BSP) को बड़ा राजनीतिक झटका लगा है। उत्तर प्रदेश विधानसभा में पार्टी के इकलौते विधायक और बलिया की रसड़ा विधानसभा सीट से तीन बार विधायक रहे उमाशंकर सिंह का निधन हो गया। वह लंबे समय से कैंसर से जूझ रहे थे। उन्होंने 5 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के एक निजी अस्पताल में अंतिम सांस ली। उमाशंकर सिंह 55 वर्ष के थे। उनके निधन के बाद उत्तर प्रदेश विधानसभा में BSP का कोई विधायक नहीं बचा है। अब रसड़ा विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव तक पार्टी विधानसभा में बिना किसी प्रतिनिधित्व के रहेगी।

उमाशंकर सिंह का जन्म 2 जनवरी 1971 को उत्तर प्रदेश के बलिया जिले के खानवर गांव में हुआ था। उन्होंने साल 2012 में पहली बार रसड़ा विधानसभा सीट से चुनाव जीतकर अपनी राजनीतिक पारी की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने लगातार 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में भी जीत दर्ज की। 2022 का विधानसभा चुनाव BSP के लिए बेहद चुनौतीपूर्ण रहा था। पूरे उत्तर प्रदेश में पार्टी सिर्फ एक सीट जीत पाई थी और वह सीट रसड़ा थी, जहां उमाशंकर सिंह ने जीत हासिल कर BSP की विधानसभा में मौजूदगी बनाए रखी थी।

उन्होंने 2022 के चुनाव में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के उम्मीदवार महेंद्र चौहान को 6,583 वोटों से हराया था। उमाशंकर सिंह को पूर्वांचल के प्रभावशाली नेताओं में गिना जाता था। बलिया और आसपास के क्षेत्रों में उनका मजबूत जनसंपर्क था। समर्थकों के बीच उनकी पहचान एक ऐसे नेता की थी, जो स्थानीय लोगों की समस्याओं को सुनने और मदद करने के लिए हमेशा सक्रिय रहते थे। लंबे समय तक विधायक रहने के कारण उन्होंने क्षेत्र में अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाई।

उमाशंकर सिंह पिछले करीब दो वर्षों से कैंसर का इलाज करा रहे थे। बीमारी के बावजूद वह राजनीतिक गतिविधियों और अपने क्षेत्र के लोगों से जुड़े रहे। इस साल उनके लखनऊ और बलिया स्थित ठिकानों पर आयकर विभाग की कार्रवाई भी हुई थी, जिसके बाद राजनीतिक चर्चाएं तेज हुई थीं। BSP प्रमुख मायावती ने उस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए थे। BSP प्रमुख मायावती ने उमाशंकर सिंह के निधन पर शोक व्यक्त किया। उन्होंने उन्हें रसड़ा सीट का समर्पित, ईमानदार और लोकप्रिय विधायक बताया। मायावती ने कहा कि पार्टी के प्रति उमाशंकर सिंह की निष्ठा और योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा। उन्होंने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना भी व्यक्त की। उमाशंकर सिंह के निधन से BSP को उत्तर प्रदेश में बड़ा राजनीतिक नुकसान हुआ है। अब रसड़ा विधानसभा सीट पर होने वाला उपचुनाव पार्टी के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। यह चुनाव न सिर्फ क्षेत्र की राजनीति बल्कि BSP की विधानसभा में वापसी के लिए भी महत्वपूर्ण होगा।

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