Wednesday, July 1, 2026
HomeLatest Newsभरत तिवारी एनकाउंटर केस में आरोपी SDPO को मिली नई पोस्टिंग, बिहार...

भरत तिवारी एनकाउंटर केस में आरोपी SDPO को मिली नई पोस्टिंग, बिहार सरकार के फैसले पर उठे सवाल

भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में आरोपी बनाए गए SDPO राजेश शर्मा को बिहार सरकार ने नई पोस्टिंग दे दी है। इस फैसले के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। मामले में पहले से FIR दर्ज है और न्यायिक जांच जारी है। विपक्ष सरकार के फैसले पर सवाल उठा रहा है, जबकि प्रशासन का कहना है कि जांच और कानूनी प्रक्रिया अपने तय नियमों के अनुसार जारी रहेगी।

पटना: बिहार के चर्चित भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में एक बड़ा प्रशासनिक फैसला सामने आया है। इस मामले में FIR में नामजद तत्कालीन SDPO राजेश शर्मा को बिहार सरकार ने नई पोस्टिंग दे दी है। सरकार के इस फैसले के बाद राजनीतिक हलकों और सोशल मीडिया पर नई बहस शुरू हो गई है।भरत तिवारी एनकाउंटर केस पहले से ही पूरे बिहार में चर्चा का विषय बना हुआ है। मृतक के परिजनों ने पुलिस कार्रवाई को फर्जी एनकाउंटर बताते हुए संबंधित पुलिस अधिकारियों के खिलाफ हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कराया था। इसके बाद सरकार ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए थे और न्यायिक प्रक्रिया शुरू की गई थी।

इसी बीच, आरोपी बनाए गए तत्कालीन SDPO राजेश शर्मा को नई जिम्मेदारी सौंपे जाने के फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि जब मामले की जांच अभी जारी है और FIR दर्ज है, तब इस तरह की पोस्टिंग से निष्पक्ष जांच पर सवाल उठ सकते हैं। उनका आरोप है कि इससे पीड़ित परिवार और आम लोगों के बीच गलत संदेश जाएगा।हालांकि सरकार का पक्ष अलग है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, किसी अधिकारी के खिलाफ FIR दर्ज होना अपने आप में दोष सिद्ध होना नहीं माना जा सकता। जब तक जांच पूरी नहीं होती और अदालत कोई अंतिम फैसला नहीं देती, तब तक प्रशासनिक प्रक्रिया अपने नियमों के अनुसार चलती रहती है। इसी आधार पर नई पोस्टिंग का फैसला लिया गया है।

गौरतलब है कि भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद बिहार में कई जगह विरोध प्रदर्शन हुए थे। स्थानीय लोगों और परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी। बढ़ते विवाद के बीच सरकार ने न्यायिक जांच के आदेश दिए और संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच शुरू की गई। यह जांच अभी भी जारी है।अब नई पोस्टिंग के फैसले के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। विपक्ष का कहना है कि जांच पूरी होने तक संबंधित अधिकारियों को किसी नई जिम्मेदारी पर तैनात नहीं किया जाना चाहिए। वहीं प्रशासन का कहना है कि जांच अपनी निर्धारित प्रक्रिया के तहत जारी रहेगी और यदि किसी अधिकारी की भूमिका दोषपूर्ण पाई जाती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल इस पूरे मामले पर सभी की नजर न्यायिक जांच की रिपोर्ट पर टिकी है। जांच के निष्कर्ष आने के बाद ही यह साफ होगा कि एनकाउंटर की पूरी घटना में किसकी क्या भूमिका थी और आगे क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

× Popup Image