मुंबई। रोहित शर्मा के वनडे करियर और 2027 वर्ल्ड कप में उनकी संभावित भूमिका को लेकर चल रही अटकलों के बीच BCCI ने बड़ा संकेत दिया है। बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने रोहित के प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि वह अभी भी शानदार क्रिकेट खेल रहे हैं। ऐसे में उनके संन्यास को लेकर सवाल उठाना जल्दबाजी होगी।
मुंबई में हुई BCCI की समीक्षा बैठक के बाद रोहित के भविष्य को लेकर सवाल पूछा गया। इस पर सैकिया ने उनके हालिया प्रदर्शन का उदाहरण देते हुए कहा कि उन्होंने इंग्लैंड के खिलाफ पिछले वनडे में शतक लगाया है। उनके मुताबिक, जब कोई खिलाड़ी लगातार अपनी क्षमता साबित कर रहा हो तो उसके रिटायरमेंट को लेकर इतनी चर्चा क्यों होनी चाहिए।
रोहित ने इंग्लैंड के खिलाफ लॉर्ड्स में खेले गए तीसरे वनडे में शानदार 138 रन की पारी खेली थी। उन्होंने 110 गेंदों का सामना करते हुए 17 चौके और पांच छक्के लगाए। इस प्रदर्शन के बाद रोहित ने एक बार फिर साबित किया कि अनुभव और बड़े मुकाबलों में प्रदर्शन करने की उनकी क्षमता अभी बरकरार है।
हालांकि, इस शतक से पहले रोहित की फॉर्म को लेकर काफी सवाल उठ रहे थे। सीरीज के शुरुआती मुकाबलों में उनका बल्ला उम्मीद के मुताबिक नहीं चला था। इसी वजह से 2027 वर्ल्ड कप को लेकर उनकी जगह और भविष्य पर चर्चा तेज हो गई थी।
रोहित पहले ही टेस्ट और T20 इंटरनेशनल क्रिकेट से संन्यास ले चुके हैं। अब वह भारतीय टीम के लिए सिर्फ वनडे प्रारूप में उपलब्ध हैं। ऐसे में अगले कुछ महीनों में उनके प्रदर्शन पर चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट की नजर रहना स्वाभाविक है।
2027 का वनडे वर्ल्ड कप भारत और दक्षिण अफ्रीका, जिम्बाब्वे तथा नामीबिया की मेजबानी में खेला जाना है। इस बड़े टूर्नामेंट तक रोहित की उपलब्धता भारतीय टीम की रणनीति का अहम हिस्सा हो सकती है। हालांकि, अंतिम फैसला उनकी फिटनेस, फॉर्म और टीम की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।
BCCI की समीक्षा बैठक में भारतीय क्रिकेट के कई बड़े नाम मौजूद रहे। मुख्य कोच गौतम गंभीर, कप्तान शुभमन गिल, T20 कप्तान श्रेयस अय्यर और वीवीएस लक्ष्मण समेत अन्य अधिकारियों ने टीम से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।
फिलहाल बोर्ड की ओर से रोहित को लेकर कोई संन्यास योजना सामने नहीं रखी गई है। BCCI के ताजा बयान से इतना जरूर संकेत मिलता है कि अनुभवी बल्लेबाज के प्रदर्शन को देखते हुए उन्हें अभी से टीम की योजना से बाहर करने का सवाल नहीं उठ रहा।
अब रोहित के लिए चुनौती अपने प्रदर्शन को लगातार बनाए रखने की होगी। अगर वह आने वाले मुकाबलों में भी प्रभावी पारियां खेलते रहे, तो 2027 वर्ल्ड कप की दौड़ में उनकी दावेदारी और मजबूत हो सकती है।



