चेन्नई। तमिलनाडु विधानसभा में कानून-व्यवस्था को लेकर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस देखने को मिली। विपक्षी DMK ने राज्य में बढ़ते अपराध और पुलिस व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए तो मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने पलटवार करते हुए कहा कि वह सोमवार को सदन में विपक्ष के सभी सवालों और आरोपों का विस्तार से जवाब देंगे।
विधानसभा में चर्चा के दौरान DMK नेता उदयनिधि स्टालिन ने तमिलनाडु की कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा। उन्होंने अपराध के मामलों और महिलाओं तथा बच्चों से जुड़े अपराधों का मुद्दा उठाते हुए सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।
उदयनिधि ने POCSO मामलों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के दौरान ऐसे मामलों से निपटने के लिए विशेष व्यवस्था और प्रक्रियाएं तैयार की गई थीं। उन्होंने मौजूदा सरकार से जानना चाहा कि बच्चों के खिलाफ अपराधों को रोकने और पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं।
DMK नेता ने सरकार की ओर से पिछली सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर लगाए जाने वाले आरोपों पर भी सवाल उठाया। उन्होंने पूछा कि यदि पिछली सरकार के समय पुलिस व्यवस्था इतनी खराब थी, तो उस दौरान महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालने वाले अधिकारियों को मौजूदा सरकार में आगे महत्वपूर्ण पदों पर क्यों रखा गया।
विपक्ष ने छात्र आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों से निपटने के तरीके को लेकर भी सरकार को घेरा। उदयनिधि ने चेन्नई के मरीना बीच पर हुए NEET विरोध प्रदर्शन का जिक्र करते हुए सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए।
इन आरोपों के बीच मुख्यमंत्री विजय ने सदन में कहा कि वह सोमवार को सभी मुद्दों पर विस्तार से जवाब देंगे। उन्होंने विपक्षी सदस्यों से उस समय सदन में मौजूद रहने को कहा, ताकि उनके जवाब को पूरा सुना जा सके। विजय ने संकेत दिया कि वह विपक्ष की ओर से उठाए गए किसी भी महत्वपूर्ण मुद्दे को बिना जवाब दिए नहीं छोड़ेंगे।
मुख्यमंत्री के इस बयान के बाद सदन में राजनीतिक तकरार और बढ़ गई। विजय के सदन से बाहर जाने के बाद उदयनिधि स्टालिन ने भी उन पर निशाना साधा और सवाल किया कि जब मुख्यमंत्री विपक्षी सदस्यों के सदन से बाहर जाने की बात कर रहे थे, तो उनके खुद बाहर जाने को किस तरह देखा जाए।
बहस के दौरान सत्तापक्ष की ओर से भी पिछली DMK सरकार के कार्यकाल में अपराध से जुड़े आंकड़ों का हवाला दिया गया। इससे विपक्षी सदस्य नाराज हो गए और सदन में कुछ समय के लिए हंगामे जैसी स्थिति बन गई।
विधानसभा अध्यक्ष को कई बार सदस्यों से शांति बनाए रखने और कार्यवाही सुचारू रूप से चलने देने की अपील करनी पड़ी। अब सोमवार की कार्यवाही पर सबकी नजर है, जब मुख्यमंत्री विजय कानून-व्यवस्था और विपक्ष के आरोपों पर अपना विस्तृत जवाब पेश करेंगे।



