जयपुर। जयपुर नगर निगम चुनाव में राजनीतिक मुकाबले के साथ प्रत्याशियों की आर्थिक हैसियत भी चर्चा में आ गई है। नामांकन के दौरान जमा किए गए हलफनामों से सामने आया है कि मैदान में उतरे कई उम्मीदवार करोड़ों की संपत्ति के मालिक हैं। कुल 298 प्रत्याशियों में 124 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन्होंने एक करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति घोषित की है। इनमें भाजपा के 62, कांग्रेस के 37 और 25 निर्दलीय प्रत्याशी शामिल हैं।
संपत्ति के मामले में सबसे ऊपर भाजपा के वार्ड नंबर 112 के प्रत्याशी सुनील कोठारी हैं। ज्वेलरी कारोबार से जुड़े कोठारी ने अपने हलफनामे में करीब 36 करोड़ रुपये की कुल पारिवारिक संपत्ति घोषित की है। उनके पास जयपुर और मुंबई में संपत्तियां होने की जानकारी भी दी गई है। उनकी पत्नी के नाम करोड़ों रुपये की ज्वेलरी दर्ज है।
दिलचस्प बात यह है कि करोड़पति प्रत्याशियों की संख्या में भाजपा कांग्रेस से काफी आगे है। भाजपा ने 62 करोड़पति उम्मीदवारों को टिकट दिया है, जबकि कांग्रेस के 37 प्रत्याशी इस श्रेणी में आते हैं। इसके अलावा 25 निर्दलीय उम्मीदवार भी करोड़पति हैं। दूसरी तरफ कुछ ऐसे प्रत्याशी भी चुनाव लड़ रहे हैं, जिनकी घोषित संपत्ति बेहद कम है।
नामांकन हलफनामों में संपत्ति के बीच बड़ा अंतर कई वार्डों में साफ दिखाई देता है। उदाहरण के तौर पर वार्ड 98 से भाजपा प्रत्याशी सुभाष सिंघी ने करीब 2.68 लाख रुपये की संपत्ति घोषित की है। इसी वार्ड से कांग्रेस प्रत्याशी राजकुमार शर्मा के नाम करीब 12 लाख रुपये की चल और 2 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति दर्ज है।
वार्ड 100 में भी प्रत्याशियों की आर्थिक स्थिति में बड़ा फर्क नजर आता है। भाजपा प्रत्याशी रविशंकर शर्मा ने करीब 92 लाख रुपये की चल और 2.24 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति घोषित की है। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी दुर्गेश शर्मा के हलफनामे में करीब 54 लाख रुपये की चल संपत्ति दर्ज है। निर्दलीय उम्मीदवार मनोज मुदगल ने भी अपनी और पत्नी की संपत्ति मिलाकर करोड़ों रुपये की संपत्ति घोषित की है।
महिला प्रत्याशियों के हलफनामों में भी बड़ी संपत्तियां सामने आई हैं। वार्ड 110 से कांग्रेस उम्मीदवार सुनीता मैथी ने करीब 1.19 करोड़ रुपये की चल संपत्ति घोषित की है। उनके पास 700 ग्राम सोना और 5 किलो चांदी होने की जानकारी भी दी गई है।
वहीं, चुनाव मैदान में कई ऐसे उम्मीदवार भी हैं जिनकी अचल संपत्ति शून्य है। उपलब्ध हलफनामों के अनुसार 123 प्रत्याशियों ने अपनी अचल संपत्ति शून्य घोषित की है। इससे जयपुर नगर निगम चुनाव में उम्मीदवारों की आर्थिक स्थिति की तस्वीर काफी विविध नजर आती है।
अब देखना यह होगा कि करोड़ों की संपत्ति वाले उम्मीदवारों को उनकी आर्थिक स्थिति का कितना फायदा मिलता है और मतदाता चुनाव में संपत्ति से ज्यादा उम्मीदवार की छवि, स्थानीय मुद्दों और काम के वादों को कितना महत्व देते हैं।



