नई दिल्ली। नई सीजन से पहले Barcelona और Real Madrid ने ट्रांसफर मार्केट में बड़े फैसले लेकर अपनी टीमों को मजबूत करने की कोशिश की। दोनों क्लबों ने नामी खिलाड़ियों को अपने साथ जोड़ा, लेकिन दिलचस्प बात यह है कि भारी निवेश के बावजूद उनकी सबसे अहम जरूरतें पूरी तरह पूरी नहीं हो सकीं। अब सीजन शुरू होने के साथ इन अधूरी तैयारियों का असर दोनों टीमों के प्रदर्शन पर नजर आ सकता है।
Real Madrid ने पिछली निराशाओं से सबक लेते हुए अपनी टीम में व्यापक बदलाव किए। क्लब ने डिफेंस और विंग को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया। इब्राहिमा कोनाटे, डेनजल डमफ्रीज और बर्नार्डो सिल्वा जैसे खिलाड़ियों की मौजूदगी से टीम को अनुभव और विकल्प दोनों मिले। यान डियोमांडे को लेकर भी क्लब ने बड़ा निवेश किया।
फिर भी रियल के सामने मिडफील्ड की समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हुई। टीम को ऐसे खिलाड़ी की जरूरत थी जो दबाव के बीच गेंद को संभाल सके, खेल की दिशा तय कर सके और टीम के बाकी हिस्सों को जोड़ने का काम करे। विटिन्हा और जोआओ नेवेस जैसे विकल्पों पर नजर रही, लेकिन क्लब उन्हें हासिल नहीं कर सका।
रोड्री भी रियल की संभावित पसंद में शामिल थे, मगर यह सौदा भी उनकी दिशा में नहीं गया। ऐसे में टीम के पास मिडफील्ड में कई अच्छे खिलाड़ी जरूर हैं, लेकिन वह खास प्रोफाइल वाला खिलाड़ी अब भी कमी महसूस करा सकता है, जिसकी तलाश क्लब लंबे समय से कर रहा था।
Barcelona ने भी ट्रांसफर विंडो में आक्रामक रणनीति अपनाई। क्लब ने टीम के अलग-अलग हिस्सों में विकल्प बढ़ाने के लिए कई खिलाड़ियों को जोड़ा। एंथनी गॉर्डन, करीम अदेयेमी और रोड्री जैसे नामों ने टीम को नई मजबूती दी। जोआओ कैंसेलो की वापसी और गोलकीपर डोमिनिक लिवाकोविच की मौजूदगी से भी टीम का संतुलन बेहतर करने की कोशिश हुई।
लेकिन Barcelona की सबसे बड़ी चिंता सेंटर फॉरवर्ड की स्थिति है। रॉबर्ट लेवांडोव्स्की के बाद क्लब को ऐसे स्ट्राइकर की जरूरत थी जो लगातार गोल करने का भरोसा दे सके। जूलियन अल्वारेज को लेकर उम्मीदें थीं, लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हुआ।
इसके बाद गैब्रियल जीसस को विकल्प बनाया गया। उनकी तकनीकी क्षमता और अनुभव Barcelona के काम आ सकते हैं, लेकिन फिटनेस से जुड़े सवालों के कारण क्लब को दूसरे विकल्प भी तैयार रखने होंगे।
अब दोनों क्लबों के लिए चुनौती सिर्फ बड़े नामों को टीम में शामिल करने की नहीं है, बल्कि उन खिलाड़ियों से सही संयोजन तैयार करने की है। ट्रांसफर मार्केट में खर्च और सुर्खियां अपनी जगह हैं, लेकिन अंततः खिताब मैदान पर प्रदर्शन से मिलेंगे। यही तय करेगा कि Barcelona और Real Madrid की रणनीति कितनी सफल रही।



