राजस्थान में पंचायत चुनाव का कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव चार चरणों में कराने का ऐलान किया है। पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने भाजपा और भजनलाल सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि हालिया निकाय चुनावों में पुलिस और प्रशासन का दुरुपयोग किया गया। गहलोत ने इसे राजस्थान के राजनीतिक इतिहास में अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि जनता में इसे लेकर नाराजगी है।
गहलोत ने कहा कि कांग्रेस पंचायत चुनाव में भाजपा का मुकाबला करेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में सरकार के खिलाफ कथित नाराजगी को चुनावी मुद्दा बनाएगी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने विपक्ष में रहते हुए पिछले ढाई साल में जनता के मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष किया है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने किसानों से जुड़े मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के किसानों को लेकर दिए गए बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि इससे किसान नाराज हैं। गहलोत ने दावा किया कि पंचायत चुनाव में ग्रामीण जनता इसका जवाब देगी।
उन्होंने सरकार पर पिछली कांग्रेस सरकार की जनकल्याणकारी और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं को बंद करने या उनके नाम बदलने का भी आरोप लगाया। पंचायत चुनाव चार चरणों में होंगे, जिनमें जिला परिषद, पंचायत समिति, पंच और सरपंच पदों के लिए चुनाव होंगे। चुनाव कार्यक्रम के ऐलान के साथ प्रदेश में सियासी मुकाबला अब ग्रामीण इलाकों तक पहुंच गया है।



