जयपुर। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर की गई टिप्पणी पर सियासी विवाद लगातार बढ़ रहा है। राजस्थान में भाजपा इस बयान के विरोध में प्रदर्शन कर रही है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने खरगे का बचाव करते हुए भाजपा पर पलटवार किया है। गहलोत का कहना है कि खरगे का उद्देश्य किसी व्यक्ति का व्यक्तिगत अपमान करना नहीं था और वे प्रधानमंत्री पद की गरिमा को अच्छी तरह समझते हैं।
‘खरगे के बयान का गलत अर्थ निकाला जा रहा है’
अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए कहा कि ‘नानी याद दिला देना’ और ‘बाप की जागीर समझना’ जैसे मुहावरे आम बोलचाल में लंबे समय से इस्तेमाल होते रहे हैं। उनके मुताबिक, इनका इस्तेमाल हमेशा व्यक्तिगत अपमान के लिए नहीं होता, बल्कि कई बार भावनाओं को व्यक्त करने के लिए भी किया जाता है। गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा खरगे की टिप्पणी को लेकर अनावश्यक विवाद खड़ा कर रही है।
2019 की टिप्पणी का जिक्र कर भाजपा से पूछा सवाल
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से 2019 में पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी को लेकर की गई टिप्पणी का उल्लेख करते हुए भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। गहलोत ने सवाल उठाया कि उस समय राजनीतिक भाषा की मर्यादा को लेकर भाजपा नेताओं का रुख क्या था। उन्होंने कहा कि भाषा और राजनीतिक मर्यादाओं के मामले में सभी दलों को समान मानदंड अपनाने चाहिए।
‘जनता के असल मुद्दों से ध्यान भटका रही भाजपा’
गहलोत ने आरोप लगाया कि भाजपा खरगे के बयान को मुद्दा बनाकर जनता से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया से संबंधित मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा। उन्होंने उत्तराखंड के हल्द्वानी में खरगे की जनसभा के बाद मंच के कथित शुद्धिकरण के मामले का भी उल्लेख किया। गहलोत ने सवाल उठाया कि इस घटना की जांच कराने की बात कही गई थी, लेकिन उसके परिणाम अब तक सार्वजनिक क्यों नहीं किए गए। उन्होंने कहा कि इस मामले को लेकर कांग्रेस पहले भी सवाल उठा चुकी है।
वोट चोरी के आरोपों और चुनाव आयोग पर भी उठाए सवाल
अशोक गहलोत ने चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग की निष्पक्षता को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे सवालों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर सवाल उठा रहे हैं, लेकिन इन मुद्दों पर गंभीरता से जवाब दिया जाना चाहिए। गहलोत ने आरोप लगाया कि विपक्ष के सवालों का जवाब देने के बजाय भाजपा उनके आंदोलनों को दूसरी ताकतों से जोड़ने और उनकी देशभक्ति पर सवाल उठाने लगती है।
बयान पर सियासी टकराव जारी
मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी को लेकर भाजपा और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। भाजपा जहां बयान को प्रधानमंत्री के प्रति अमर्यादित टिप्पणी बता रही है, वहीं अशोक गहलोत ने इसका बचाव करते हुए भाजपा पर राजनीतिक दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया है। इस विवाद के बीच दोनों दलों के नेताओं के बयान और विरोध प्रदर्शन राजनीतिक चर्चा का केंद्र बने हुए हैं।



