एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी आज यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी UCC के विरोध में आयोजित जनसभा में शामिल होने भोपाल पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रस्तावित समान नागरिक संहिता को लेकर केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा।
मीडिया से बातचीत में ओवैसी ने कहा कि प्रस्तावित UCC संविधान के कई प्रावधानों के खिलाफ होगा। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 25, 26, 14 और 29 का हवाला देते हुए कहा कि धर्म की स्वतंत्रता को खत्म करके ऐसा कानून लागू नहीं किया जा सकता।
ओवैसी ने आरोप लगाया कि बीजेपी समानता के उद्देश्य से UCC नहीं ला रही है, बल्कि इसके जरिए देश के करीब 18 करोड़ मुसलमानों को निशाना बनाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि UCC को समानता के नाम पर लागू करने से पहले इसके संवैधानिक और सामाजिक प्रभावों को समझना जरूरी है।
ओवैसी ने भारत की विविधता को देश की पहचान बताते हुए कहा कि यहां अलग-अलग धर्मों और समुदायों की अपनी परंपराएं और व्यक्तिगत कानून हैं। उन्होंने दावा किया कि मोदी सरकार द्वारा गठित लॉ कमीशन ने भी अपनी रिपोर्ट में कहा था कि देश में UCC न तो जरूरी है और न ही वांछनीय।
उन्होंने अमित शाह, बीजेपी और आरएसएस पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि गैर-हिंदू समुदायों पर हिंदू कानून थोपने की कोशिश की जा रही है।
बता दें कि यूनिफॉर्म सिविल कोड का उद्देश्य शादी, तलाक, विरासत और गोद लेने जैसे व्यक्तिगत मामलों में सभी नागरिकों के लिए धर्म से अलग एक समान कानूनी व्यवस्था लागू करना है। UCC बीजेपी के प्रमुख एजेंडे में शामिल रहा है और पार्टी लंबे समय से इसे कानूनी और सामाजिक सुधार के तौर पर लागू करने की वकालत करती रही है।



