Anil Kumble on Vaibhav Suryavanshi : मुल्लांपुर। भारतीय क्रिकेट के दिग्गज स्पिनर अनिल कुंबले (Anil Kumble) ने 15 वर्षीय युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Suryavanshi) की विस्फोटक बल्लेबाजी और शानदार निरंतरता की खुलकर तारीफ की है। कुंबले का मानना है कि सिर्फ लंबे-लंबे छक्के लगाना ही किसी खिलाड़ी को खास नहीं बनाता, बल्कि लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करना ही असली पहचान होती है।
सूर्यवंशी ने रचा इतिहास
वैभव सूर्यवंशी ने इंडियन प्रीमियर लीग के मौजूदा सीजन में अपने धमाकेदार खेल से सभी को हैरान कर दिया है। युवा बल्लेबाज ने अब तक 65 छक्के लगाकर नया इतिहास रच दिया है। इसके साथ ही उन्होंने वेस्टइंडीज के विस्फोटक बल्लेबाज क्रिस गेल के 2012 में बनाए गए 59 छक्कों के रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। राजस्थान रॉयल्स के इस युवा खिलाड़ी ने 15 पारियों में 680 रन बनाकर ऑरेंज कैप (आईपीएल सत्र में सबसे अधिक रन बनाने वाले खिलाड़ी को दी जाने वाली सूची में शीर्ष स्थान) भी अपने नाम कर ली है। इसी के साथ उन्होंने एक टी20 सीरीज में किशोर खिलाड़ी द्वारा सबसे अधिक रन बनाने का विश्व रिकॉर्ड भी अपने नाम किया है।

कुंबले ने जमकर की सूर्यवंशी की तारीफ
कुंबले ने ‘जियो हॉटस्टार’ के ‘गेम प्लान’ में कहा, वैभव सूर्यवंशी ‘ऑरेंज कैप’ धारक हैं, और यह उपलब्धि सिर्फ एक बार या कुछ ही टीमों के खिलाफ अच्छा प्रदर्शन करने से नहीं मिलती। उन्होंने पिछले दो महीनों में लगातार ऐसा प्रदर्शन किया है, और यह इस युवा खिलाड़ी के बारे में बहुत कुछ कहता है।” उन्होंने कहा, “वह सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी हैं, लेकिन यह सिर्फ मैदान पर जाकर कुछ छक्के जड़ने की बात नहीं है।
कुंबले ने कहा कि सूर्यवंशी के उभार से उनके सलामी जोड़ीदार यशस्वी जायसवाल पर भी दबाव बढ़ा है। जायसवाल ने इस सत्र में 15 मैचों में 426 रन बनाए हैं। इस दौरान उनका औसत 32.77 और स्ट्राइक रेट 153.24 रहा है। कुंबले ने कहा, “जायसवाल को गेंदबाजों ने अच्छी गेंदबाजी की है, लेकिन वह निश्चित रूप से दबाव में हैं। कुछ साल पहले सारी चर्चा उन्हीं पर थी, लेकिन अब 15 साल का एक खिलाड़ी पूरी दुनिया में सुर्खियां बटोर रहा है।” उन्होंने आगे कहा, सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ मैच में भी उनकी साझेदारी शानदार रही थी। उन्होंने आठ ओवरों में करीब 120 रन बनाए, लेकिन इनमें से ज्यादातर रन सूर्यवंशी ने ही बनाए थे।” कुंबले ने यह भी कहा, “जायसवाल को इस बात की निराशा होगी कि बल्लेबाजी के लिए आसान पिच पर भी वह तेजी से रन बनाने में विफल रहे।



