कोलकाता। पश्चिम बंगाल की सियासत एक बार फिर गर्मा गई है। तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर चुनावी रैली के दौरान मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के प्रति असम्मानजनक भाषा इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। उन्होंने इसे सिर्फ एक राजनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण का प्रतिबिंब बताया।
दक्षिण 24 परगना के जयनगर में आयोजित जनसभा में बोलते हुए अभिषेक बनर्जी ने कहा कि भाजपा एक तरफ महिलाओं के सम्मान की बात करती है, लेकिन उसके शीर्ष नेता सार्वजनिक मंचों पर जिस तरह के शब्दों का इस्तेमाल करते हैं, वह उसके विपरीत तस्वीर पेश करता है। उन्होंने विशेष रूप से हालिया रैली का जिक्र करते हुए कहा कि जिस तरह मुख्यमंत्री को संबोधित किया गया, वह न केवल अनुचित था बल्कि गरिमा के खिलाफ भी था।
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उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला सिर्फ एक नेता या पार्टी का नहीं है, बल्कि पूरे राज्य की महिलाओं के सम्मान से जुड़ा हुआ है। अभिषेक बनर्जी ने भाजपा नेताओं से चुनाव प्रचार के दौरान भाषा और आचरण में संयम बरतने की अपील की। उनके मुताबिक, राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन सार्वजनिक जीवन में मर्यादा बनाए रखना जरूरी है। सभा में उन्होंने यह भी दावा किया कि आगामी चुनाव परिणामों में भाजपा को अपेक्षित सफलता नहीं मिलेगी। उन्होंने कहा कि पिछले चुनावों की तरह इस बार भी पार्टी का प्रदर्शन सीमित रहेगा और वह बड़ी संख्या में सीटें हासिल नहीं कर पाएगी।
इसके अलावा, उन्होंने भाजपा पर बंगाल के लोगों की नागरिकता को लेकर सवाल खड़े करने का आरोप लगाया। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि जिन लोगों के पास वैध दस्तावेज हैं, उन्हें भी संदेह की नजर से देखा जा रहा है, जो चिंताजनक है। उन्होंने वाम दलों पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पहले जिन लोगों ने तृणमूल कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा की थी, वही बाद में भाजपा में शामिल होकर राज्य में उसके विस्तार का कारण बने।
अपने संबोधन के अंत में उन्होंने संकेत दिया कि चुनाव परिणामों के बाद उनकी पार्टी राष्ट्रीय स्तर पर भी राजनीतिक रणनीति को लेकर आगे बढ़ेगी।



