Friday, August 21, 2026
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सीमा पर जमीन देने में देरी को लेकर अमित शाह का ममता पर हमला, बोले, ‘गुहार लगाते-लगाते थक गया था’

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन उपलब्ध कराने में देरी को लेकर ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने दावा किया कि पहले बार-बार आग्रह के बावजूद पर्याप्त जमीन नहीं मिली। शाह के अनुसार, मौजूदा पश्चिम बंगाल सरकार ने 45 दिनों में करीब 1,129 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई, जबकि केवल 29 एकड़ बाकी है। उन्होंने सीमा सुरक्षा और केंद्र-राज्य समन्वय को जरूरी बताया।

सिलीगुड़ी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन उपलब्ध कराने में हुई देरी को लेकर पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा से जुड़े मुद्दे पर वह लगातार राज्य सरकार से जमीन उपलब्ध कराने का आग्रह करते रहे, लेकिन पहले उनकी बात पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। अब राज्य में सत्ता परिवर्तन के बाद स्थिति में तेजी से बदलाव आया है।

सिलीगुड़ी में सीमा सुरक्षा से जुड़े कार्यक्रम के दौरान अमित शाह ने कहा कि सीमा पर बाड़ लगाने के लिए जमीन उपलब्ध कराना बेहद जरूरी है। उनका कहना था कि जब तक सीमा को पूरी तरह सुरक्षित नहीं किया जाएगा, तब तक अवैध घुसपैठ पर प्रभावी तरीके से रोक लगाना चुनौती बना रहेगा। शाह ने कहा कि पहले सीमा सुरक्षा से जुड़े मामलों में केंद्र और राज्य के बीच समन्वय को लेकर लगातार परेशानी होती थी। उन्होंने दावा किया कि जमीन उपलब्ध कराने के लिए उन्होंने तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से कई बार आग्रह किया था। उनके मुताबिक, स्थिति ऐसी हो गई थी कि बार-बार अनुरोध करते-करते वह थक चुके थे।

उन्होंने मौजूदा पश्चिम बंगाल सरकार की ओर से सीमा सुरक्षा के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया की सराहना की। शाह के अनुसार, राज्य सरकार ने सत्ता संभालने के शुरुआती 45 दिनों के भीतर करीब 1,129 एकड़ जमीन सीमा सुरक्षा से जुड़े कार्यों के लिए उपलब्ध कराई है। उन्होंने कहा कि अब केवल 29 एकड़ जमीन उपलब्ध कराया जाना बाकी है। गृह मंत्री ने कहा कि भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ का निर्माण पूरा होने से सीमा प्रबंधन मजबूत होगा और सुरक्षा बलों को अवैध आवाजाही पर निगरानी रखने में मदद मिलेगी। उन्होंने सीमा से जुड़े इलाकों में सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने को राष्ट्रीय सुरक्षा की प्राथमिकता बताया।

शाह ने कहा कि सीमा सुरक्षा केवल केंद्र सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें राज्य सरकारों की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। सीमा पर बुनियादी ढांचे के विकास के लिए जमीन उपलब्ध कराने और प्रशासनिक सहयोग की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल से सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जा सकता है। गृह मंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम बंगाल में सीमा सुरक्षा और घुसपैठ का मुद्दा राजनीतिक बहस के केंद्र में है। सीमा पर बाड़ लगाने में जमीन की उपलब्धता लंबे समय से एक महत्वपूर्ण चुनौती रही है।

अब राज्य सरकार की ओर से जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया तेज होने के बाद केंद्र ने सीमा सुरक्षा के काम को आगे बढ़ाने पर जोर दिया है। शाह ने कहा कि सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए केंद्र सरकार आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने और अधूरे कार्यों को पूरा करने की दिशा में तेजी से काम करेगी।

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