Nijjar Murder Case: कनाडा में खालिस्तानी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में अमेरिका ने बड़ा कदम उठाया है. अमेरिकी न्याय विभाग ने भारत की जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके करीबी सहयोगी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ पर निज्जर की हत्या की साजिश रचने के मामले में आरोपी बनाया है. कनाडाई नागरिक निज्जर की 18 जून 2023 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.
लॉस एंजिलिस की संघीय अदालत में दाखिल आरोपपत्र के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई ने कनाडा में 18 जून 2023 को हुई हरदीप सिंह निज्जर की हत्या की साजिश रची थी.अदालत के दस्तावेजों में निज्जर का उल्लेख “एच एस एन” के रूप में किया गया है.
गोल्डी बराड़ के ऊपर 50 हजार डॉलर का ईनाम घोषित
अमेरिकी संघीय अन्वेषण ब्यूरो (FBI)ने बताया कि कैलिफोर्निया की अदालत ने 1 जुलाई 2026 को गोल्डी बराड़ के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया था. एफबीआई ने बराड़ की गिरफ्तारी पर 50,000 अमेरिकी डॉलर का इनाम भी घोषित किया है. जांच एजेंसी के अनुसार, बराड़ के नेटवर्क का संबंध अमेरिका के कैलिफोर्निया, कनाडा, भारत और मेक्सिको तक फैला हुआ है.

‘ऑपरेशन हार्डबॉल’ में 24 आरोपी गिरफ्तार
अमेरिका, कनाडा और यूरोप की कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन हार्डबॉल’ के तहत अब तक 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इनमें से 11 गिरफ्तारियां कैलिफोर्निया में हुई हैं. अधिकारियों का दावा है कि ये आरोपी भारत से संचालित 3 अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध गिरोहों से जुड़े हैं, इन गिरोहों पर निज्जर की हत्या समेत हत्या, जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य कई गंभीर अपराधों के आरोप हैं.
‘ ये अपराधी दुनिया के किसी भी कोने में छिप नहीं पाएंगे’
लॉस एंजिलिस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका के प्रथम सहायक अटॉर्नी बिल एसायली ने कहा कि ये आपराधिक गिरोह चाहे कहीं भी सक्रिय हों, अमेरिका, कनाडा, यूरोप और एशिया की कानून प्रवर्तन एजेंसियां मिलकर इनके खिलाफ कार्रवाई करेंगी और इनके नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जाएगा. उन्होंने कहा कि ऐसे अपराधी दुनिया के किसी भी कोने में छिपकर कानून से नहीं बच सकेंगे.

भारत-कनाडा संबंधों में आई थी खटास
18 जून 2023 को कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के सरे शहर में गुरुद्वारे के बाहर हरदीप सिंह निज्जर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस घटना के बाद तत्कालीन कनाडाई प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने हत्या के पीछे भारत सरकार की संभावित भूमिका का आरोप लगाया था. भारत ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए उन्हें “बेबुनियाद और राजनीतिक रूप से प्रेरित” बताया था.
आरोपपत्र में और कौन-कौन शामिल?
अमेरिकी न्याय विभाग के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई अपने आपराधिक नेटवर्क का संचालन सहयोगियों के जरिए करता था. इनमें उत्तर अमेरिका में बिश्नोई गिरोह की गतिविधियां संभालने वाला बराड़, यूरोप में गिरोह का नेटवर्क देखने वाला राजस्थान निवासी रोहित गोदारा और पंजाब निवासी सुखराज सिंह कंग शामिल हैं. आरोप है कि गिरोह व्हॉट्सऐप और अन्य मैसेजिंग ऐप के जरिए रंगदारी की धमकियां देता था और हिंसक वारदातों को अंजाम देता था.
37 लोगों पर आरोप, 10 अब भी फरार
मंगलवार को दाखिल तीन अलग-अलग आरोपपत्रों में कुल 37 लोगों को आरोपी बनाया गया है. इनमें से कई आरोपियों को अमेरिका, कनाडा और स्पेन से गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि 10 आरोपी अभी भी फरार हैं. इनमें सात अमेरिका, दो भारत और एक यूरोप में होने की जानकारी सामने आई है. लॉरेंस बिश्नोई फिलहाल भारत की जेल में बंद है, जबकि गोल्डी बराड़ अब भी फरार है और उसकी तलाश जारी है.
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