Air India Plane Crash Ahmedabad: अहमदाबाद एयर इंडिया प्लेन हादसे ने कई परिवारों को ऐसा जख्म दिया जो उन्हें ताउम्र याद रहेगा. हादसे को 1 साल बीत गया है लेकिन हादसे के उस भयावह मंजर को याद करके आज भी मन में सिहरन होने लगती है. इस हादसे में कई परिवारों ने अपनों को खो दिया. किसी का भाई, किसी के मां-बाप, किसी का बेटा और किसी का तो पूरा का पूरा परिवार इस हादसे में खत्म हो गया. 12 जून 2025 को हुए इस हादसे में 260 लोगों की जान चली गई थी. इस हादसे में एक मात्र शख्स की जान बची वो है विश्वास कुमार रमेश जो बताते हैं की अहमदाबाद प्लैन क्रैश की भयानक यादें आज भी उनके जहन में ताजा हैं. रमेश खुद तो बच गए लेकिन उनके भाई की जान इस हादसे में चली गई.
‘हादसे का वही खौफनाक मंजर मेरे सामने आ जाता है’
रमेश खुद को बहुत भाग्यशाली मानते हैं कि इस भयानक हादसे में उनकी जान बच गई. लेकिन उन्होंने बताया कि ‘आज भी मैं जब आंखें बंद करता हूं तो हादसे का वही खौफनाक मंजर मेरे सामने आ जाता है. मैं जिंदा तो हूं लेकिन मेरे दिलों और दिमाग पर जो जख्म हैं वो शायद ही कभी भर पाएंगे.’ हादसे को हुए 1 साल पूरा हो चुका है लेकिन विडंबना देखिए जिस हादसे में इतने लोगों की जान चली गई उसकी गुत्थी आज भी अनसुलझी है.
‘हादसे के बाद पूरी जिंदगी बदल गई’
विश्वास कुमार ने बताया हादसे के बाद मेरी जिंदगी पूरी तरह बदल गई है. उन्होंने बताया कि अब मैं भीड़भाड़ से दूर खुद अकेले में रहना पसंद करता हूं. एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि वो ज्यादातर अपने कमरे में बंद रहते हैं. डिप्रेशन के कारण अपनी पत्नी और बच्चे से भी ठीक से बात नहीं कर पाते हैं. उन्होंने कहा था कि वो आज भी उसी भयानक पल में फंसे हुए महसूस करते हैं.
‘हादसे की वजह अब तक साफ नहीं’
हादसे के करीब 30 दिन बाद शुरुआती जांच में कहा गया कि टेकऑफ के तुरंत बाद विमान के दोनों फ्यूल स्विच कट ऑफ पोजिशन में आ गए थे, जिससे इंजनों को फ्यूल सप्लाई बंद हो गई. पर यह अब तक भी यह पता नहीं चल पाया है कि ऐसा क्यों हुआ, इसकी पीछे कोई तकनीकी खामी थी या कोई लापरवाही, यह सवाल हर उस परिवार के मन में है जिसने इस हादसे में अपनों को खोया है.
अंतिम रिपोर्ट का अब भी इंतजार
हादसे के एक मात्र सर्वाइवर विश्वास कुमार ने अंतिम जांच रिपोर्ट में हो रही इस देरी पर गहरा दुख जताया है. उन्होंने कहा है कि इस हादसे की वजह हर वो परिवार जानना चाहता है जिसने इस भयावह हादसे की पीड़ा को झेला है. उन्होंने कहा-सभी चाहते हैं कि ईमानदारी, पारदर्शिता के साथ जांच हो, हमारे सवालों के जवाब मिले. वैसे तो कोई भी रिपोर्ट मेरे भाई को लौटा नहीं सकती. और न ही उन 260 लोगों को जिंदा कर सकती है. लेकिन ये हर परिवार का हक है कि उसको पता चले की आखिर उसके अपनों के साथ क्या हुआ था. रमेश ने यह भी बताया कि हमारे वकील कानून कार्रवाई की तैयारी कर रहे हैं. बस अंतिम जांच रिपोर्ट का इंतजार है ताकि हादसे की जिम्मेदारी तय हो सके.
कैसे हुआ था हादसा ?
एयर इंडिया की फ्लाइट AI 171 ने जब 12 जून 2025 को दोपहर को अहमदाबाद एयरपोर्ट से टेकऑफ के कुछ ही समय बाद यह विमान एयरपोर्ट के नजदीक ही एक मेडिकल कॉलेज परिसर में क्रैश हो गया और धमाके के साथ पूरा आग के गोले में बदल गया. इस हादसे में 260 लोगों की जान चली गई. इसमें 180 भारतीय यात्री, चालक दल के 19 मेंबर, करीब 50 ब्रिटिश नागरिक, पुर्तगाली और कनाडाई भी शामिल थे.



