मुंबई। दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर दिशा सालियन की मौत के मामले में CBI की FIR के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने मामले पर पहली बार सार्वजनिक प्रतिक्रिया देते हुए अपने ऊपर लगाए जा रहे आरोपों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि वह दिशा सालियन से कभी मिले या उन्हें जानते तक नहीं थे। उनके मुताबिक, पिछले छह वर्षों से उनका नाम इस मामले से जोड़कर उनकी छवि खराब करने का प्रयास किया जा रहा है।
आदित्य ठाकरे ने क्या कहा?
आदित्य ठाकरे ने दिशा सालियन मामले में अपना नाम जोड़े जाने को चरित्र हनन की कोशिश बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले को राजनीतिक उद्देश्य से बार-बार उठाया जा रहा है। साथ ही उन्होंने जांच को राजनीतिक हस्तक्षेप से मुक्त रखते हुए आगे बढ़ाने की बात कही।
उनकी प्रतिक्रिया ऐसे समय आई है जब बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्देश के बाद CBI ने दिशा सालियन की वर्ष 2020 में हुई मौत की जांच के सिलसिले में FIR दर्ज की है। जांच एजेंसी अब पहले की पुलिस जांच, संबंधित रिकॉर्ड, गवाहों और फोरेंसिक साक्ष्यों की दोबारा समीक्षा करेगी।
CBI जांच में किन पहलुओं पर नजर?
CBI की जांच में पुलिस रिकॉर्ड, पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट, पहले जांच कर चुके अधिकारियों के बयान तथा मामले से जुड़े संभावित गवाहों की जानकारी शामिल हो सकती है। जांच का उद्देश्य घटना से जुड़े तथ्यों और पहले की जांच में उठाए गए सवालों की समीक्षा करना है।
इस मामले में कुछ सार्वजनिक बयानों और रिपोर्टों में कई लोगों के नाम सामने आए हैं। हालांकि, किसी FIR में नाम का उल्लेख अपने आप में अपराध साबित नहीं करता। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर ही आगे की स्थिति स्पष्ट होगी।
दिशा सालियन की मौत 8 जून 2020 को हुई थी, जबकि सुशांत सिंह राजपूत का निधन इसके कुछ दिनों बाद हुआ। दोनों घटनाओं को लेकर लंबे समय से अलग-अलग दावे और राजनीतिक विवाद सामने आते रहे हैं। अब CBI की जांच में किन तथ्यों की पुष्टि होती है और मामले की दिशा क्या रहती है, इस पर नजर बनी हुई है।



