नई दिल्ली(प्रज्ञा पांडे)। सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और उनसे जुड़ी चर्चाओं के बीच बॉलीवुड अभिनेता आमिर खान का एक पुराना विवाद फिर सुर्खियों में आ गया है। मामला उनकी सुपरहिट फिल्म 3 Idiots और उसके चर्चित किरदार रैंचो से जुड़ा है। आमिर खान ने हाल ही में कहा था कि 3 इडियट्स का किरदार सोनम वांगचुक पर आधारित नहीं था और फिल्म बनने के समय वह सोनम वांगचुक को नहीं जानते थे। इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर एक पुराना वीडियो वायरल होने लगा, जिसमें आमिर खान और सोनम वांगचुक एक अवॉर्ड समारोह में साथ दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह मुलाकात 3 इडियट्स की रिलीज़ से पहले की है। इसी कार्यक्रम में सोनम वांगचुक ने शिक्षा के मुद्दों पर अपनी बात रखी थी और आमिर खान की फिल्म तारे ज़मीन पर की भी तारीफ की थी। उन्होंने शिक्षा और बच्चों से जुड़े विषयों पर बनी इस फिल्म को सराहा था। सोनम वांगचुक ने पहले भी बताया है कि उन्होंने आमिर खान से मुलाकात के दौरान लद्दाख में अपने शिक्षा मॉडल और सियाचिन जैसे इलाकों से जुड़े मुद्दों पर बातचीत की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि उन्होंने आमिर से शिक्षा और समाज से जुड़े विषयों पर फिल्म बनाने का विचार साझा किया था।
पुराना वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कई यूजर्स सवाल उठा रहे हैं कि अगर दोनों की मुलाकात फिल्म बनने से पहले हुई थी, तो “जानता नहीं था” वाले बयान को कैसे समझा जाए। वहीं आमिर खान का पक्ष यह है कि 3 इडियट्स का किरदार सीधे सोनम वांगचुक की जिंदगी पर आधारित नहीं था। अब बहस इस बात पर है कि क्या यह केवल शब्दों की गलत व्याख्या है या फिर पुराने और नए बयानों में अंतर है। इस पूरे विवाद के बीच सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने आमिर खान की फिल्म गजनी का भी मजाकिया अंदाज में जिक्र किया। उनका कहना है कि गजनी में किरदार को भूलने की बीमारी थी और अब लोग मजाक में कह रहे हैं कि शायद यहां भी कुछ “भूलने” वाली बात हो गई। हालांकि यह सिर्फ सोशल मीडिया की व्यंग्यात्मक प्रतिक्रिया है, कोई तथ्य नहीं।
फिलहाल, 3 इडियट्स और सोनम वांगचुक को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है, जहां एक तरफ पुराने वीडियो और बयान चर्चा में हैं, वहीं दूसरी तरफ फिल्म से जुड़े लोग किरदार को सीधे किसी एक व्यक्ति की कहानी मानने से इनकार करते रहे हैं। और इस पूरे मामले का सबसे दिलचस्प पहलू यह है कि जिस समय यह मुलाकात हुई थी, उस दौर में आमिर खान गजनी की शूटिंग और प्रमोशन से गुजर रहे थे। अब मजाकिया अंदाज में सवाल उठता है कहीं आमिर खान अपने गजनी वाले किरदार में इतने डूब तो नहीं गए थे कि उन्हें पुरानी मुलाकात ही याद नहीं रही? क्योंकि गजनी में तो किरदार की परेशानी थी याददाश्त खो देना, लेकिन यहां मामला कुछ ऐसा दिख रहा है कि मुलाकात हुई, बातचीत हुई, तारीफ भी हुई…फिर भी यादों की डायरी में वह पन्ना कहीं दब गया।



