(प्रज्ञा पांडे)।देश के कई हिस्सों में मानसून अब पूरी ताकत के साथ सक्रिय हो गया है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 23 जुलाई 2026 को करीब 11 से 12 राज्यों में भारी बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। पश्चिम और मध्य भारत के कई इलाकों में तेज बारिश के साथ बाढ़, जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार, गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना बनी हुई है। वहीं कोंकण तट के इलाकों में लगातार बारिश के कारण फ्लैश फ्लड और लैंडस्लाइड जैसी स्थिति पैदा होने की आशंका जताई गई है। मानसून की सबसे ज्यादा मार इस समय पश्चिमी भारत के कुछ हिस्सों में देखने को मिल रही है। गुजरात क्षेत्र और महाराष्ट्र के कई जिलों में रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। कोंकण क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश से निचले इलाकों में पानी भरने और पहाड़ी रास्तों पर खतरा बढ़ सकता है। प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों और संवेदनशील इलाकों से दूर रहने की अपील की है। महाराष्ट्र के पालघर जिले में खराब मौसम और भारी बारिश की संभावना को देखते हुए स्कूल और कॉलेज बंद करने का फैसला लिया गया। प्रशासन ने यह कदम छात्रों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया है।
बारिश का असर सिर्फ पश्चिम भारत तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश, बिहार, पूर्वी राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी मानसून सक्रिय बना हुआ है। इन राज्यों में कई जगहों पर मेघगर्जन के साथ भारी बारिश और बिजली गिरने की संभावना जताई जा रही है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं और अचानक बारिश के कारण जलभराव जैसी परेशानियां सामने आ सकती हैं। पूर्वी राजस्थान और मध्य प्रदेश के कई हिस्सों में किसानों और आम लोगों को मौसम को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। दक्षिण भारत में भी मौसम का असर देखने को मिल रहा है। तेलंगाना के उत्तरी जिलों जैसे आदिलाबाद और निजामाबाद में भारी बारिश को लेकर चेतावनी जारी की गई है। वहीं तमिलनाडु और पश्चिमी घाट के इलाकों में कमजोर निम्न दबाव क्षेत्र के कारण तेज हवाओं के साथ बारिश की संभावना बनी हुई है। कुछ जगहों पर हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
जम्मू-कश्मीर में भी खराब मौसम के चलते प्रशासन ने छुट्टियों की अवधि बढ़ा दी है। मौसम की स्थिति को देखते हुए लोगों को यात्रा से पहले स्थानीय अपडेट देखने की सलाह दी गई है। पहाड़ी इलाकों में तेज बारिश के दौरान भूस्खलन और सड़क बंद होने का खतरा ज्यादा रहता है। ऐसे में प्रशासन ने यात्रियों को सावधानी बरतने को कहा है। मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि भारी बारिश के दौरान जरूरी काम होने पर ही बाहर निकलें। जलभराव वाले इलाकों, नदी-नालों और कमजोर संरचनाओं के पास जाने से बचें। विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून की सक्रिय स्थिति आने वाले दिनों में भी कई राज्यों में बारिश बढ़ा सकती है। ऐसे में लोगों को मौसम विभाग और स्थानीय प्रशासन की चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की जरूरत है। फिलहाल देश के कई हिस्से मानसून के इस तेज दौर से गुजर रहे हैं और आने वाले कुछ दिन बारिश के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।



