Saturday, May 16, 2026
HomeLatest News'पूरी दुनिया संकट के दौर में भारत की ओर देख रही', जबलपुर...

‘पूरी दुनिया संकट के दौर में भारत की ओर देख रही’, जबलपुर में बोले RSS प्रमुख मोहन भागवत

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने जबलपुर में आयोजित ‘जीवन उत्कर्ष महोत्सव’ में कहा कि आज पूरी दुनिया संकट के दौर से गुजर रही है और वह भारत की ओर उम्मीद भरी निगाहों से देख रही है. क्योंकि भारत धर्म, संस्कृति और सद्भाव के मार्ग पर चलता है।

Mohan Bhagwat: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने जबलपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि आज पूरी दुनिया संकट के दौर से गुजर रही है और वह भारत की ओर आशा भरी निगाहों से देख रही है.

‘जीवन उत्कर्ष महोत्सव’ को संबोधित करते हुए भागवत ने कहा कि दुनिया भारत से यह अपेक्षा इसलिए करती है क्योंकि भारत धर्म व संस्कृति के मार्ग पर चलता है. उन्होंने कहा, ‘सामान्य भाषा में संस्कृति का अर्थ है-संस्कारयुक्त आचरण. जब एक-दूसरे के प्रति सद्भावना और आत्मीयता का भाव होता है, तभी समाज में सौहार्द बना रहता है. अन्यथा, शत्रुतापूर्ण संबंध बनते हैं और झगड़े बढ़ते हैं.’

‘दुनिया संकट में है, तो वह भारत से अपेक्षा कर रही है’

संघ प्रमुख ने कहा कि भारत ने अपनी संस्कृति और आध्यात्मिकता की धरोहर को आज भी संजोकर रखा है और समय-समय पर दुनिया को सही मार्ग दिखाने का दायित्व निभाया है. ‘वास्तव में हम सब एक हैं, आपस में जुड़े हुए हैं. यह जुड़ाव भारत के पास है, दुनिया के पास नहीं. इसलिए आज जब दुनिया संकट में है, तो वह भारत से अपेक्षा कर रही है.’

‘दुनिया के पास भारत के अलावा कोई और मार्ग नहीं है’

भागवत ने कहा कि दुनिया के पास भारत के अलावा कोई और मार्ग नहीं है, क्योंकि भारत धर्म और संस्कृति के सिद्धांतों पर आधारित जीवन जीता है. उन्होंने कहा कि अब दुनिया यह सीखना चाहती है कि आध्यात्मिकता और आचरण के समन्वय से जीवन कैसे जिया जा सकता है. संतों का आचरण समाज को दिशा देता है, इसलिए RSS विभिन्न माध्यमों से संतों की सेवा में लगा रहता है.

‘जीवन उत्कर्ष महोत्सव’ के 5 दिवसीय आयोजन के उद्घाटन सत्र में भागवत के साथ बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था के ईश्वरचरण स्वामी भी उपस्थित थे. यह आयोजन विश्वविख्यात बीएपीएस स्वामीनारायण संस्था के आध्यात्मिक अधिष्ठाता महंत स्वामी महाराज के जीवन, उपदेशों और सेवा कार्यों को समर्पित है. महंत स्वामी महाराज का जन्म 13 सितंबर 1933 को जबलपुर में हुआ था. इस अवसर पर मोहन भागवत ने स्वामी भद्रेशदास की एक पुस्तक का विमोचन भी किया और उनके विचारों तथा शिक्षाओं को आज के समाज के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताया.

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

Premanshu Chaturvedi
Premanshu Chaturvedihttp://jagoindiajago.news
खबरों की दुनिया में हर लफ्ज़ को जिम्मेदारी और जुनून के साथ बुनने वाला। मेरा मानना है कि एक अच्छी खबर केवल सूचना नहीं देती, बल्कि समाज को सोचने, सवाल करने और बदलने की ताकत भी देती है। राजनीति से लेकर मानवता की कहानियों तक, हर विषय पर गहराई से शोध कर निष्पक्ष और सटीक रिपोर्टिंग करना ही मेरी पहचान है। लेखनी के जरिए सच्चाई को आवाज़ देना मेरा मिशन है।
RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular