Keshari Chand Maloo Death: राजस्थान की लोक संस्कृति के संरक्षक और राजस्थानी लोकसंगीत को देश दुनिया में पहचान दिलाने वाले वीणा कैसेट्स के संस्थापक केशरीचंद मालू का सोमवार देर रात हार्ट अटैक से निधन हो गया. वह 80 वर्ष के थे. उनके निधन से राजस्थान के लोकसंगीत और सांस्कृतिक जगत में शोक की लहर दौड़ पड़ी है.
केशरीचंद मालू ने अपना पूरा जीवन राजस्थानी लोकसंगीत के संरक्षण, संवर्धन और प्रचार-प्रसार के लिए समर्पित किया. उनके प्रयासों से राजस्थान के पारंपरिक लोकगीतों और लोक कलाकारों को राष्ट्रीय ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी पहचान मिली.
5 हजार से अधिक लोकगीतों का संरक्षण
मालू ने 5 हजार से अधिक राजस्थानी लोकगीतों की पांडुलिपियां और ध्वनिलिपियां तैयार कर उनका ऑडियो दस्तावेजीकरण कराया. उनके इस कार्य ने राजस्थान की समृद्ध लोकसंगीत विरासत को आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई.
राजस्थानी लोक संगीत-संस्कृति को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए राजस्थान सरकार ने उन्हें ‘राजस्थान रत्न’ से सम्मानित किया था. इसके अलावा राजस्थान संगीत नाटक अकादमी ने उन्हें ‘समग्र कला साधना पुरस्कार’ और महाराणा मेवाड़ फाउंडेशन ने ‘डागर घराना पुरस्कार’ प्रदान किया था.
पूर्व सीएम अशोक गहलोत ने जताई संवेदना
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने केसी मालू के निधन पर शोक जताया है. उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा-‘देश-दुनिया में राजस्थानी गानों को एक नई पहचान दिलाने वाले, वीणा कैसेट्स के मालिक और सुर संगम के संस्थापक, मेरे पारिवारिक मित्र के सी मालू का आकस्मिक निधन बेहद दुखद है.’ गहलोत के अनुसार मालू ने अपना पूरा जीवन संगीत जगत के लिए समर्पित किया, उनका निधन एक बड़ी क्षति है.
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