Friday, November 6, 2026
HomeLatest NewsDharali Kalp Kedar: 1945 में खुदाई में निकला प्राचीन कल्प केदार मंदिर...

Dharali Kalp Kedar: 1945 में खुदाई में निकला प्राचीन कल्प केदार मंदिर मलबे में समाया, यहां खीरगंगा करती थीं जलाभिषेक

Dharali Cloudburst: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में मंगलवार को बादल फटने से आई भीषण बाढ़ में प्राचीन कल्प केदार मंदिर मलबे में दब गया। यह मंदिर 1945 में खुदाई के दौरान मिला था और इसकी संरचना केदारनाथ मंदिर जैसी कतुरे शैली में निर्मित है।

Dharali Kalp Kedar Temple: उत्तराखंड में उत्तरकाशी जिले के धराली गांव में मंगलवार को बादल फटने के कारण खीर गंगा नदी में आई विनाशकारी बाढ़ से यहां स्थित प्राचीन शिव मंदिर कल्प केदार मलबे में दब गया. ऐसा बताया जाता है कि पिछली बार आई किसी आपदा के कारण यह मंदिर कई वर्षों तक जमीन के नीचे दबा रहा था और केवल इसका उपरी हिस्सा ही दिखाई देता था.

केदारनाथ मंदिर जैसी है संरचना

कतुरे शैली में निर्मित इस शिव मंदिर की वास्तुकला केदारनाथ धाम की तरह है. वर्ष 1945 में की गई एक खुदाई के बाद इस मंदिर के बारे में पता चला था. जमीन के नीचे कई फुट तक खुदाई करने पर एक प्राचीन शिव मंदिर मिला था जिसकी संरचना केदारनाथ मंदिर की तरह थी.

शिवलिंग पर अक्सर खीरगंगा का पानी आता है.

मंदिर जमीन से नीचे स्थित था और भक्तों को मंदिर में प्रार्थना करने के लिए नीचे जाना पड़ता था. लोगों का कहना है कि मंदिर के गर्भगृह में स्थापित शिवलिंग पर अक्सर खीरगंगा का पानी आता है और इसके लिए एक रास्ता भी बनाया गया है. मंदिर के बाहर पत्थर पर नक्काशी की गई है. प्राचीन शिव मंदिर में स्थापित शिवलिंग का आकार केदारनाथ की तरह ही नंदी की पीठ की तरह है.

ये भी पढ़ें: रूस से आयात पर जब भारत ने उठाए सवाल, तो डोनाल्ड ट्रंप की बोलती हुई बंद, बोले-मुझे नहीं पता, इसकी जांच करूंगा’

Please enable JavaScript in your browser to complete this form.

RELATED ARTICLES
- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

× Popup Image