Wednesday, July 8, 2026
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Hormuz Strait Attack : होर्मुज जलडमरूमध्य में हमले के बाद अमेरिका का ईरान पर जवाबी हमला, बहरीन-कुवैत को बनाया निशाना

होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन पोतों पर हमलों के बाद अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए और ईरानी तेल बिक्री का लाइसेंस रद्द कर दिया। इसके बाद बहरीन और कुवैत ने मिसाइल हमले की चेतावनी जारी की। घटनाक्रम से क्षेत्रीय तनाव और बढ़ गया तथा वार्ता संकट में पड़ी।

Hormuz Strait Attack : दुबई। अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन पोतों पर हमले होने के बाद बुधवार तड़के ईरान पर ‘‘जवाबी हमले’’ किए और ईरान को वैश्विक बाजार में कच्चा तेल खुले तौर पर बेचने की अनुमति देने वाले लाइसेंस को भी रद्द कर दिया। ऐसा प्रतीत होता है कि ईरान ने अमेरिका की इस कार्रवाई के बाद जबाव में बहरीन और कुवैत पर हमले किए। इससे पहले अमेरिका ने कहा था कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन पोतों पर हमला किया था। अमेरिकी हमलों के तुरंत बाद ईरान ने अमेरिका को चेतावनी दी कि वह ‘‘हर जरूरी कदम उठाएगा।’’ इससे युद्ध रोकने के लिए हुए अंतरिम समझौते के टूटने का खतरा बढ़ गया है और पश्चिम एशिया के फिर से व्यापक संघर्ष की चपेट में आने की आशंका पैदा हो गई है।

ईरान ने दी कड़े जवाब की चेतावनी

ईरान पर हमले के बाद बहरीन और कुवैत ने बुधवार सुबह उन पर मिसाइल हमले होने के संबंध में अलर्ट जारी किए। बहरीन जहां अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का ठिकाना है, वहीं कुवैत में अमेरिकी थलसेना मौजूद है। पोतों पर हमले और उसके बाद ईरान पर अमेरिकी हमले ऐसे समय में हुए हैं, जब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार से जुड़े कार्यक्रम जारी हैं। खामेनेई 28 फरवरी को युद्ध की शुरुआत में अमेरिका और इजराइल के हमलों में मारे गए थे। अंतिम संस्कार कार्यक्रम बृहस्पतिवार को समाप्त होंगे। ऐसा माना जा रहा था कि ईरान में शोक की इस अवधि में तनाव कम होगा लेकिन शोक मनाने वाले लोगों ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की ‘‘हत्या का आह्वान’’ कई बार किया है।

अमेरिका और ईरान के बीच अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए बातचीत खामेनेई को सुपुर्द-ए-खाक किए जाने के बाद शुरू होनी है। इस वार्ता में होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह फिर से खोलने और ईरान के विवादित परमाणु कार्यक्रम पर लगाम लगाने जैसे कठिन मुद्दों पर चर्चा होनी है लेकिन हालिया हमलों ने इस प्रक्रिया को खतरे में डाल दिया है। ईरान की संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने ‘एक्स’ पर लिखा, धौंस और उगाही का दौर खत्म हो चुका है। इससे कोई नतीजा नहीं निकलेगा। हम झुकते नहीं हैं।

होर्मुज हमले के बाद अमेरिकी जवाबी कार्रवाई

‘यूएस सेंट्रल कमान’ ने कहा कि अमेरिकी बलों ने ‘‘एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग में बेकसूर चालक दल वाले वाणिज्यिक पोतों को निशाना बनाने और उन पर हमला करने की भारी कीमत वसूलने के लिए’’ ये हमले किए। उसने कहा कि उसने ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया जिनमें वायु रक्षा प्रणालियां, रडार और ईरान के अर्द्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली 60 से अधिक छोटी नौकाएं शामिल हैं। उसने कहा कि जलडमरूमध्य में पोतों को परेशान करने में इन नौकाओं की अहम भूमिका रही हैं। अमेरिकी सेना ने कहा कि वह समझौते का पालन नहीं होने की स्थिति में ईरान को जवाबदेह ठहराने के लिए ‘‘तैयार और मुस्तैद’’ है। उसने साथ ही कहा कि इस दौर के हमले समाप्त हो गए हैं।

ईरान ने उस पर हमले होने की बात स्वीकार की लेकिन यह नहीं बताया कि उसे कितना नुकसान हुआ। ईरान के सरकारी मीडिया ने बंदर अब्बास, केशम और सिरिक में धमाकों की आवाज सुनाई देने की खबर दी। ईरान की केंद्रीय सैन्य कमान ने चेतावनी दी कि वह इस आक्रामकता और आतंकवादी कृत्य का निर्णायक जवाब देगी। उसने कहा, ईरानी सशस्त्र बल होर्मुज जलडमरूमध्य के मामलों में हस्तक्षेप की अनुमति किसी भी स्थिति में नहीं देंगे और न ही दूसरों को इसका प्रबंधन करने देंगे। पिछले महीने के अंत में भी पोतों पर ईरानी हमलों और अमेरिका के जवाबी हमलों की ऐसी ही घटनाएं हुई थीं। उसके बाद भी ईरान ने बहरीन और कुवैत पर हमले किए थे। बुधवार के हमले ऐसे समय में हुए, जब ट्रंप उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) सैन्य गठबंधन के शिखर सम्मेलन के लिए तुर्किये में थे।

इस बीच, अमेरिका ने वह लाइसेंस भी रद्द कर दिया जिसके जरिए अंतरिम समझौते के तहत ईरानी तेल की बिक्री की अनुमति दी गई थी। इस लाइसेंस से ईरान को कई वर्षों में पहली बार अंतरराष्ट्रीय बाजार में अमेरिकी डॉलर में खुले तौर पर तेल बेचने की अनुमति मिली थी। ईरान पर लंबे समय से संदेह रहा है कि वह प्रतिबंधित कच्चा तेल चीन को बाजार मूल्य से कम कीमत पर बेचता रहा है। लाइसेंस रद्द करने का फैसला जलडमरूमध्य में तीन पोत पर हमलों के बाद किया गया। ‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस सेंटर’ ने कहा कि एक टैंकर ओमान के तट के पास से गुजर रहा था, तभी उस पर हमला हुआ और उसमें आग लग गई।

ईरान के सरकारी टेलीविजन ने कहा कि तरलीकृत प्राकृतिक गैस ले जा रहे टैंकर पर चेतावनियों की अनदेखी करने के बाद हमला किया गया लेकिन उसने इस हमले की सीधी जिम्मेदारी नहीं ली। ब्रिटेन की समुद्री एजेंसी ने कहा कि दो अन्य पोतों को भी कुछ नुकसान पहुंचा लेकिन कोई घायल नहीं हुआ और दोनों पोत होर्मुज जलडमरूमध्य में अपनी यात्रा पर आगे बढ़ गए। युद्ध शुरू के बाद से ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बाधित कर दिया है जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हुए हैं।

ईरान और अमेरिका अंतरिम समझौते के तहत 60 दिन तक पोतों को बिना शुल्क दिए गुजरने की अनुमति देने पर सहमत हुए थे लेकिन तेहरान ने जोर दिया था कि पोतों के मार्गों पर उसका नियंत्रण होना चाहिए और बाद में मार्ग से गुजरने के लिए शुल्क वसूला जाना चाहिए। यदि ऐसा होता है तो इस जलमार्ग में दशकों से जारी व्यवस्था बदल जाएगी। अमेरिका और खाड़ी के कई अरब देशों का कहना है कि वे जलडमरूमध्य से गुजरने के लिए ईरान द्वारा शुल्क वसूले जाने पर सहमत नहीं होंगे।

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Mukesh Kumar
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