Wednesday, July 8, 2026
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2 दिन में गायब हुई दिलजीत की ‘सतलुज’, आखिर क्यों मचा बवाल?

दिलजीत दोसांझ की फिल्म ‘सतलुज’ को लेकर विवाद तेज हो गया है। रिलीज के कुछ ही दिनों बाद फिल्म की चर्चा और इसे लेकर उठे सवालों ने सोशल मीडिया पर हलचल मचा दी है।

नई दिल्ली: जिस फिल्म का इंतजार दर्शक करीब चार साल से कर रहे थे, वह रिलीज होने के महज दो दिन बाद ही OTT से गायब हो गई। दिलजीत दोसांझ स्टारर ‘सतलुज’ (पहले Punjab 95) को ZEE5 ने भारत में अपनी लाइब्रेरी से हटा दिया है। फिल्म के हटते ही सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई। कोई इसे अभिव्यक्ति की आजादी से जोड़ रहा है तो कोई डिजिटल कंटेंट रेगुलेशन पर सवाल उठा रहा है। आखिर फिल्म क्यों हटाई गई? क्या इसका सेंसर बोर्ड से कोई संबंध है? IT Rules 2021 क्या कहते हैं? फिल्म की कहानी क्या है और समीक्षक इसे लेकर क्या कह रहे हैं? यहां जानिए पूरी जानकारी।

रिलीज के 48 घंटे बाद OTT से क्यों हट गई ‘सतलुज’?

‘सतलुज’ 3 जुलाई को ZEE5 पर रिलीज हुई थी। लेकिन 5 जुलाई को प्लेटफॉर्म ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि “मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए फिल्म भारत में अगले आदेश तक उपलब्ध नहीं रहेगी।” साथ ही ZEE5 ने कहा कि वह कानूनी प्रक्रिया के तहत फिल्म को दोबारा दर्शकों तक पहुंचाने के सभी विकल्प तलाश रहा है और फिल्म की रचनात्मक सोच के साथ मजबूती से खड़ा है।फिलहाल फिल्म भारत में उपलब्ध नहीं है, जबकि कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार ZEE5 Global पर इसे विदेशों में देखा जा सकता है।

आखिर विवाद शुरू कैसे हुआ?

दरअसल, यह फिल्म नई नहीं है। इसे पहले ‘Punjab 95’ नाम से बनाया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म 2022 में CBFC के पास सर्टिफिकेशन के लिए भेजी गई थी। रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि बोर्ड ने फिल्म में 127 बदलाव और टाइटल बदलने की सलाह दी थी। लंबे समय तक मामला अटका रहा और फिल्म थिएटर तक नहीं पहुंच सकी।इसके बाद निर्माताओं ने फिल्म का नाम बदलकर ‘सतलुज’ रखा और बिना थिएटर रिलीज के सीधे OTT का रास्ता चुना।

सरकार का पक्ष क्या है?

केंद्र सरकार के सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म को OTT पर रिलीज करने के बाद मामला सरकार के संज्ञान में आया। इसके बाद इसे IT Rules, 2021 के तहत गठित Inter-Departmental Committee (IDC) को भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई। रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया कि फिल्म को सुरक्षा संबंधी पहलुओं और नियमों के अनुपालन के संदर्भ में देखा जाएगा। हालांकि सरकार की ओर से विस्तृत सार्वजनिक आदेश जारी नहीं किया गया है।

आसान भाषा में समझिए IT Rules 2021 क्या हैं?

अक्सर लोगों को लगता है कि OTT पर आने वाली फिल्मों को भी CBFC से सेंसर सर्टिफिकेट लेना पड़ता है, लेकिन मामला इतना सीधा नहीं है।सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली फिल्मों के लिए CBFC का सर्टिफिकेट जरूरी होता है।OTT प्लेटफॉर्म Information Technology (Intermediary Guidelines and Digital Media Ethics Code) Rules, 2021 के तहत काम करते हैं।इन नियमों में डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए आचार संहिता, शिकायत निवारण व्यवस्था और कंटेंट से जुड़े नियामकीय प्रावधान तय किए गए हैं।जरूरत पड़ने पर सरकार इन नियमों के तहत किसी कंटेंट की समीक्षा या अन्य कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।यही वजह है कि ‘सतलुज’ विवाद में IT Rules 2021 का जिक्र हो रहा है।

फिल्म की कहानी क्या है?

‘सतलुज’ मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालड़ा के जीवन से प्रेरित फिल्म है। कहानी 1990 के दशक के पंजाब में ले जाती है, जब राज्य उग्रवाद और हिंसा के दौर से गुजर रहा था।फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे एक साधारण बैंक मैनेजर जसवंत सिंह खालड़ा सरकारी रिकॉर्ड और दस्तावेजों के जरिए कथित अवैध अंतिम संस्कारों और लापता लोगों के मामलों की पड़ताल करते हैं। सच सामने लाने की यह कोशिश उनके जीवन को ही खतरे में डाल देती है।निर्देशक हनी त्रेहान ने इसे सिर्फ एक बायोपिक नहीं बल्कि इंसाफ, संविधान और मानवाधिकारों की लड़ाई के रूप में पेश करने की कोशिश की है।

दिलजीत दोसांझ ने क्या कहा?

फिल्म हटने से पहले दिलजीत दोसांझ ने सोशल मीडिया पर लाइव बातचीत में कहा था कि उन्हें पहले से अंदेशा था कि ऐसा हो सकता है। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर लोगों ने फिल्म डाउनलोड कर ली है तो अब चिंता की कोई बात नहीं। बाद में भी उन्होंने संकेत दिया कि उन्हें फिल्म के हटाए जाने की संभावना पहले से महसूस हो रही थी।

निर्देशक हनी त्रेहान का खुलासा

निर्देशक हनी त्रेहान ने बताया कि फिल्म की रिलीज को बेहद गोपनीय रखा गया था। उनके मुताबिक, रिलीज से पहले बहुत कम लोगों को इसकी जानकारी थी और सिर्फ दिलजीत दोसांझ को पहले से बताया गया था। उन्होंने कहा कि चार साल तक इंतजार करने के बाद टीम ने बिना किसी कट के फिल्म को सीधे OTT पर रिलीज करने का फैसला किया था। फिल्म हटने के बाद उन्होंने कहा कि उन्हें खुद इस फैसले की जानकारी बाद में मिली और वह फिलहाल कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं हैं।

फिल्म को लेकर क्या कह रहे हैं समीक्षक?

‘सतलुज’ को आलोचकों से काफी सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है।कई समीक्षकों का मानना है कि यह फिल्म सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी नहीं, बल्कि उस दौर के पंजाब और मानवाधिकारों पर गंभीर सवाल उठाती है। फिल्म की सबसे बड़ी ताकत दिलजीत दोसांझ का संयमित अभिनय माना गया है।समीक्षाओं में निर्देशक हनी त्रेहान के निर्देशन, के.यू. मोहनन की सिनेमैटोग्राफी और सुविंदर विक्की के प्रभावशाली प्रदर्शन की भी जमकर तारीफ हुई है। कई समीक्षकों ने इसे दिलजीत दोसांझ के करियर की सबसे परिपक्व परफॉर्मेंस में से एक बताया है।

स्टार कास्ट


दिलजीत दोसांझ
अर्जुन रामपाल
सुविंदर विक्की
कंवलजीत सिंह
गीतिका विद्या ओहल्यान


फिल्म के समर्थन में कौन-कौन आया?

फिल्म हटने के बाद निर्देशक अनुराग बसु ने सोशल मीडिया पर हनी त्रेहान का समर्थन किया। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम की तुलना ईरानी फिल्मकार जाफर पनाही के संघर्ष से करते हुए चिंता जताई।वहीं पंजाबी गायक जसबीर जस्सी ने भी फिल्म और इसकी टीम की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पंजाब और सच की बात करने वाली फिल्म है और ऐसे विषयों पर फिल्म बनाना हिम्मत का काम है।

सोशल मीडिया पर कैसी है प्रतिक्रिया?

फिल्म हटते ही X (पहले ट्विटर), इंस्टाग्राम और रेडिट पर #Satluj और #Punjab95 ट्रेंड करने लगे। बड़ी संख्या में यूजर्स ने फिल्म की वापसी की मांग की, जबकि कुछ लोगों ने सेंसरशिप और डिजिटल कंटेंट रेगुलेशन पर सवाल उठाए। वहीं कई यूजर्स ने दर्शकों से फिल्म की पाइरेसी न करने की भी अपील की, क्योंकि ZEE5 ने अपने आधिकारिक बयान में भी यही आग्रह किया था।फिलहाल इसका कोई आधिकारिक जवाब नहीं है। ZEE5 ने सिर्फ इतना कहा है कि वह कानूनी प्रक्रिया के तहत सभी विकल्पों पर काम कर रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर है कि IT Rules 2021 के तहत होने वाली समीक्षा के बाद फिल्म दोबारा भारतीय दर्शकों के लिए उपलब्ध हो पाएगी या नहीं।

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